एनजीटी की सख्ती के बाद अब नगर निगम ने शहर को स्वच्छ बनाने की पहल शुरू की है। निगम 50 भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पब्लिक टॉयलेट्स बनाएगा। पहले चरण में इन टॉयलेट्स का निर्माण पूरा होने के बाद निगम 93 अन्य स्थानों पर भी पब्लिक टॉयलेट्स बनवाएगा।
दरअसल, एनजीटी ने शहर में जनसंख्या के मुताबिक पब्लिक और कम्युनिटी टॉयलेट्स न होने पर नगर निगम की खिंचाई की थी। एनजीटी ने हर एक किलोमीटर पर पब्लिक टॉयलेट्स बनाने के निर्देश दिए थे। निगम ने शहर में 143 स्थानों को चिह्नित कर यहां टॉयलेट्स बनाने का निर्णय लिया था।
पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल पर इन टॉयलेट्स का निर्माण होगा। प्राइवेट फर्म टॉयलेट्स बनाकर नगर निगम को हैंडओवर कर देंगी। निगम और प्राइवेट फर्मों के बीच 50 पब्लिक टॉयलेट्स के निर्माण को लेकर एग्रीमेंट हो चुका है।
दो महीने में यह टॉयलेट्स बनकर तैयार हो जाएंगे। इनके बाद अन्य स्थानों पर टॉयलेट्स का निर्माण शुरू होगा।