गाजियाबाद। ‘मैं महिला हूं और शायद यही कारण है कि बच्चे और महिलाएं मेरी कमजोरी हैं। इन दोनों पर अपराध होते हुए मैं नहीं देख सकती। बच्चे और महिलाओं पर होने वाले अपराध के खिलाफ कई बार आउट ऑफ वे जाकर भी काम करना पड़ता है।’
यह कहना है गाजियाबाद की नवनियुक्त डीएम मिनिष्ती एस. का। शनिवार दोपहर पदभार संभालने के बाद वह पत्रकारों से बात कर रहीं थीं।कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित पहली प्रेसवार्ता में नवनियुक्त डीएम ने बताया कि वह अब तक चार जिलों शाहजहांपुर, मैनपुरी, फर्रुखाबाद और बाराबंकी में जिलाधिकारी के पद पर रह चुकी हैं।
उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चों के लिए वह कुछ करना चाहती हैं। यह उनके जीवन का उद्देश्य भी है। डीएम ने बताया कि सरकार के संकल्प ही उनकी प्राथमिकताएं हैं। ऐसे लोगों तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाया जाएगा जो इसके हकदार और जरूरतमंद हैं और जिन तक योजनाओं का लाभ नहीं पहुंच रहा है।
सप्ताह में एक दिन अफसर लेंगे सरकारी स्कूलों में क्लास
डीएम मिनिष्ती एस. ने बताया कि सरकारी स्कूलों की दशा सुधारने के लिए वह खुद एक स्कूल गोद लेंगी। अपने गोद लिए स्कूल में वह सप्ताह में एक दिन कम से कम एक घंटे बच्चों को पढ़ाएंगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक अफसर को चाहिए कि वह सरकारी स्कूलों को कम से कम सप्ताह में एक घंटा अवश्य दें। इससे न केवल सरकारी स्कूलों में तैनात स्टाफ समय से आएगा, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता भी सुधरेगी।
समस्याओं से जंग को डीएम तैयार
डीएम ने बताया कि गाजियाबाद आने से पूर्व ही उन्होंने यहां की जानकारी हासिल कर ली है। ट्रैफिक जाम के साथ ही महिलाओं के प्रति अपराधों की यहां भरमार है। ऐसे में वह एसएसपी से बात करेंगी और इन दोनों ही समस्याओं के खात्मे को एक्शन प्लान तैयार किया जाएगा।
फीस बढ़ोतरी मामले में डीएम ने बताया कि लखनऊ तक यह मामला चर्चाओं मेें है। इस विषय पर अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। इसके लिए वह अपने अफसरों से बात करेंगी और शासनादेशों का भी अवलोकन करेंगी। पैरेंट़्स और स्कूल प्रबंधन दोनों की बात सुनी जाएगी। इसके बाद वही किया जाएगा जो कानूनन सही है।
भूमाफियाओं पर होगी सख्त कार्रवाई
डीएम ने कहा कि गाजियाबाद में जमीन के दाम आसमान छू रहे हैं। यही कारण है कि यहां बड़ी संख्या में भूमाफिया भी सक्रिय हैं। शासन भी भूमाफियाओं को लेकर सख्त है। गाजियाबाद में अब भूमाफियाओं को अपना बिस्तर बांध लेना चाहिए। भूमाफिया कितना ही असरदार क्यों न हो, उसे जेल की सलाखों के पीछे जाना ही होगा।
शस्त्र लाइसेंसधारकों पर कड़ी नजर
डीएम ने बताया कि शस्त्र का दुरुपयोग करने वाले लाइसेंसधारकों पर उनकी कड़ी नजर रहेगी। ऐसे लोगों के लाइसेंस निरस्त किए जाएंगे, जो शस्त्र का दुरुपयोग करते पाए जाएंगे। कुछ ऐसे लोग अपनी पत्नियों के नाम पर शस्त्र लाइसेंस ले लेते हैं और उपयोग खुद करते हैं, उन्हें समझ लेना चाहिए कि उनके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।
इसी प्रकार शादी समारोह या अन्य मौके पर शस्त्र का प्रदर्शन करने और हवाई फायर करने वालों के न केवल लाइसेंस निरस्त किए जाएंगे, बल्कि उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी। बता दें कि बाराबंकी में बतौर डीएम रहते हुए बड़ी संख्या में मिनिष्ती एस. ने शस्त्र लाइसेंस कैंसल कर दिए थे। उसी के बाद से वह चर्चाओं में आईं थीं।