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Ghaziabad News: बच्चों की तस्करी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, दो महिलाओं समेत सात गिरफ्तार

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थाना टीला मोड़ पुलिस टीम ने नवजात बच्चे की तस्करी करने वाले गिरोह के आरोपियों को किया गिरफ्तार।
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गाजियाबाद। टीला मोड़ थाना पुलिस ने बच्चों को अगवा कर निसंतान दंपतियों को चार से पांच लाख रुपये में बेचने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। दो महिलाओं समेत सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। गिरोह ने नौ अगस्त को टीला मोड़ की करन गेट चौकी के पास किराये के मकान में रहने वाली मुस्कान के चार माह के बेटे अल्लाबख्श को अगवा कर शामली के एक दंपती से उसका पांच लाख रुपये में सौदा किया था। पुलिस ने बच्चे को सकुशल उसके माता-पिता को सौंप दिया है।
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डीसीपी सिटी व ट्रांस हिंडन धवल जायसवाल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में मूलरूप से बिहार और हाल में पानीपत की पंडित कॉलोनी निवासी ऐनुल (35), मुजफ्फरनगर निवासी नौशाद (36), उसकी पत्नी रुख्सार (32), मुजफ्फरपुर बिहार निवासी नागेंद्र उर्फ सुक्का (40), शामली के कैराना निवासी नसीम (38), आदर्श मंडी शामली निवासी आबिद (40) और किशनगंज बिहार निवासी सुमित्रा (58) शामिल हैं। डीसीपी के अनुसार, गिरोह का सरगना नौशाद है।

निकाह की तैयारियों के बीच गायब हुआ मासूम
अल्लाबख्श के पिता फुरकान और माता मुस्कान ने बताया कि वे मूलरूप से अकराबाद थाना क्षेत्र के कौड़ियागंज, अलीगढ़ के रहने वाले हैं। करीब ढाई वर्ष से करन गेट चौकी के सामने किराये के मकान में रहकर मजदूरी करते हैं। उनके तीन बच्चे कबीर (5), फरहान (3) व अल्लाबख्श हैं। आरोपी नौशाद और उसकी पत्नी रुख्सार भी इसी मकान में करीब ढाई माह से किराये पर रहते थे। दोनों कूड़ा बीनकर उसे बेचने का काम करते थे। नौ अगस्त को फुरकान के छोटे भाई शमसुद्दीन का निकाह था। घर में निकाह की तैयारियां चल रही थीं। इसी दौरान रुख्सार अपनी बेटी के साथ उनके घर पहुंची और अल्लाबख्श को खिलाने के बहाने साथ ले गई। काफी देर तक बच्चा नहीं लौटा तो परिजनों ने रुख्सार से पूछताछ की। उसने बच्चे के बारे में कोई भी जानकारी होने से इन्कार कर दिया और वहां से चली गई।
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ऐनुल ने कराया था सौदा
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि करीब डेढ़ वर्ष पहले आरोपी नौशाद और ऐनुल सोनीपत की एक फैक्टरी में साथ काम करते थे। वहीं दोनों में दोस्ती हुई। ऐनुल हरियाणा में कमीशन पर शादियां भी कराता था। हाल में ऐनुल ने नौशाद और रुख्सार को बताया था कि शामली के कांधला निवासी नफीस व उसकी पत्नी मौसीना निसंतान हैं। उनको बच्चा उपलब्ध कराने पर पांच लाख रुपये मिलेंगे। मौका मिलने पर रुख्सार ने बच्चे को अगवा कर लिया। इसके बाद आरोपी दंपती बच्चे को लेकर शामली पहुंच गए, लेकिन बच्चे को सौंपे जाने से पहले ही मंगलवार को पुलिस ने उनको दबोच लिया। नौशाद व रुख्सार से पूछताछ में अन्य आरोपियों के बारे में पता चला, जिसके बाद उनको भी अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के मुताबिक, बच्चे को खरीदने वाली मौसीना और इसमें उसका सहयोग करने वाली सितारा फरार है। उनकी तलाश की जा रही है।

नौशाद ने बेच दी थी अजन्मी बेटी
पुलिस पूछताछ में नौशाद ने बताया कि करीब डेढ़ वर्ष पहले उसने अपनी पत्नी की कोख में पल रही बच्ची का जन्म से पहले ही सोनीपत के एक निसंतान दंपती से 2.40 लाख रुपये में सौदा कर लिया था। बच्ची के जन्म के 15 दिन बाद उसे दंपती को सौंप दिया गया। इसके बाद उसने ऐनुल, आबिद और अन्य साथियों की मदद से अपने छोटे भाई के तीन बच्चों का भी सौदा कर दिया था, हालांकि अब तक उनको सौंप नहीं पाया था।

राहगीरों के मोबाइल फोन से की कॉल, पुलिस ने कर लिया ट्रेस
बच्चे के गायब होने के बाद नौशाद और रुख्सार ने दो दिनों में नौ बार अलग-अलग नंबरों से फुरकान व मुस्कान को कॉल की। उन्होंने बच्चे के सकुशल होने की बात कहते हुए पुलिस से शिकायत न करने का दबाव बनाया। पीड़ित दंपती ने पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने मोबाइल फोन नंबरों को ट्रेस किया तो सभी राहगीरों के निकले। उनसे पूछताछ में पता चला कि आरोपी शामली में हैं। इसके बाद पुलिस ने शामली के कांधला में बच्चा खरीदने वाले दंपती के घर छापा मारा। वहां नौशाद और रुख्सार को दबोच लिया गया, जबकि दंपती भाग निकला।
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