चिकनगुनिया और डेंगू के बढ़ते मरीजों की संख्या पर सीएमओ ने सभी सरकारी और प्राइवेट अस्पताल को अलर्ट जारी किया है। सीएमओ ने सीएमएम को निर्देश दिए हैं कि वे अस्पताल में चिकनगुनिया और डेंगू के मरीजों के लिए अतिरिक्त बेड की व्यवस्था करें।
इस बीच रविवार को डेंगू के संदिग्ध 18 मरीजों के सैंपल लिए गए, हालांकि सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई है। डीएमओ डा. जीके मिश्रा ने बताया कि चिकनगुनिया का भी एक सैंपल लिया गया है, जिसकी जांच सोमवार को होगी।
इसके अलावा सोमवार को कोई भी चिकनगुनिया अथवा डेंगू का नया मरीज नहीं मिला है। शहर में चिकनगुनिया के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ने लगी है। बता दें कि अब तक जनपद में सात चिकनगुनिया के मरीज मिल चुके हैं। इसके साथ ही दो मरीजों में डेंगू की भी पुष्टि हुई है।
मौसम के बदलते तेवर से तेजी के साथ लोग वायरल की चपेट में आ रहे हैं। इनमें भी इस बार डेंगू की बजाय चिकनगुनिया के मरीजों की संख्या अधिक आ रही है। ऐसे में सीएमओ ने अस्पतालों को निर्देश जारी करते हुए ओपीडी से लेकर वार्ड तक में किसी भी तरह की लापरवाही न किए जाने के सख्त निर्देश दिए हैं।
बता दें कि एमएमजी में मरीजों के लिए वर्तमान में 130 और संयुक्त जिला अस्पताल में 100 बेड मौजूद हैं। बेड पर अस्सी फीसदी मरीज वायरल के हैं। ऐसे में चिकनगुनिया और डेंगू जैसे गंभीर बुखार के लिए अलग से बेड व्यवस्था करने के निर्देश सीएमओ डा. अजेय अग्रवाल ने दिया है।
डीएमओ डा. जीके मिश्रा ने बताया कि अगले एक दो दिनों में स्वास्थ्य विभाग नगर निगम के साथ मिलकर शहर के पांचों जोन में फॉगिंग अभियान शुरू करेगा।
मच्छर बरपा रहे कहर, गोदाम में बंद निगम की फॉगिंग मशीनें
मौसम अनुकूल होने के साथ ही मच्छरों ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। गाजियाबाद में भी चिकनगुनिया और डेेंगू के सात मरीज सामने आ चुके हैं, लेकिन सरकारी स्तर पर मच्छरों से निपटने के इंतजाम अभी तक भी शून्य है।
मलेरिया विभाग एंटी लार्वा दवा के छिड़काव में खानापूर्ति कर रहा है तो नगर निगम की फॉगिंग मशीनें भी गोदामों में बंद है। अभी तक निगम ने फॉगिंग का शेड्यूल भी तैयार नहीं किया है।
बरसात से पहले भी नगर निगम ने फॉगिंग का काम तय शेड्यूल से 15 दिन पहले ही खत्म कर दिया था। तब निगम अफसरों का तर्क था कि लू चलने की वजह से मच्छर खत्म हो गए हैं। फॉगिंग की बची दवा अगले सीजन में काम आ जाएगी।
बीते साल नगर निगम की छोटी मशीनें खराब होने की वह से कालोनियां की अंदरूनी गलियों में भी फॉगिंग नहीं हो पाई थी। निगम ने 80 फॉगिंग मशीनें करीब एक करोड़ की लागत से खरीदीं थीं। इस बार अच्छी बारिश होने की वजह से नमी भी ज्यादा है और मच्छरों की ब्रीडिंग भी बीते साल से ज्यादा हुई है।
यही वजह है कि इस बार डेंगू-चिकनगुनिया बुखार तेजी से फैल रहा है। गाजियाबाद की सीमा से लगते नोएडा-दिल्ली में भी इसके कई केस सामने आ चुके हैं। ऐसे में रेजिडेंट्स ही नहीं मलेरिया विभाग भी एक सितंबर से ही फॉगिंग किए जाने की डिमांड कर रहा है।
जिला मलेरिया विभाग इसको लेकर नगर निगम को पत्र भी लिख चुका है। बावजूद इसके अभी तक नगर निगम फॉगिंग का शेड्यूल भी तैयार नहीं कर पाया है।
नगर स्वास्थ्य अधिकारी को सितंबर के पहले सप्ताह से ही फॉगिंग कराने के निर्देश दे दिए गए हैं। मुख्य मार्गों पर बड़ी मशीनों से और कालोनियों की अंदरूनी गलियों में छोटी मशीनों से फॉगिंग कराई जाएगी। इसके लिए तैयारियां कर ली गई हैं। - अब्दुल समद, नगर आयुक्त