भाजपा नेता ब्रजपाल तेवतिया हमला प्रकरण में मुख्य आरोपी मनीष और विक्की ने सरेंडर करने के लिए कोर्ट में एप्लीकेशन लगाई है। मुरादनगर पुलिस ने इसकी पुष्टि की है। हालांकि सूत्रों का कहना है कि पुलिस को अलर्ट देखकर पकड़े जाने के डर से वह सरेंडर करने नहीं आ रहे हैं।
इससे साफ हो गया है कि वह गिरफ्तारी से बचने के लिए पुरजोर कोशिश में लगे हैं जबकि पुलिस उन्हें दबोचने के लिए पूरे जतन कर रही है। दूसरी तरफ, एक और संदिग्ध पुलिस के रडार पर आया है। उसकी भूमिका की जांच की जा रही है, मोदीनगर का रहने वाला यह संदिग्ध भी वारदात केबाद से फरार है।
आरोपी संसार सिंह और शेखर का करीबी बताए जा रहे इस व्यक्ति की भूमिका हमले में इस्तेमाल हथियार दिलाने में हो सकती है। उसके खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं और हत्या के एक मामले में वह जेल भी जा चुका है। पुलिस टीमें बाकी आरोपियों केसाथ उसकी भी तलाश में जुटी हैं।
उसके कुछ करीबियों से पुलिस ने पूछताछ की है, मगर उसके बारे में कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लग सका है। पुलिस को लग रहा है कि उसके जरिए पुलिस संसार सिंह और शेखर तक भी पहुंच सकती है। इस मामले में अब तक 15 लोगों के नाम प्रकाश में आ चुकेहैं।
पुलिस को आशंका है कि प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इनसे भी ज्यादा लोगों की भूमिका इसमें रही होगी। हालांकि जब तक मुख्य सूत्रधार मनीष, उसका भाई विक्की और मनोज गिरफ्तार नहीं किए जाते, तब तक कई सवाले अधूरे रहेंगे।
बता दें कि इस मामले में पुलिस अब तक सात लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। तेवतिया पर मुरादगनर में 11 अगस्त को गोलियां बरसाईं गईं थीं, जिसमें तेवतिया समेत 7 लोग घायल हो गए थे। इनका नोएडा के फोर्टिस अस्पताल में उपचार चल रहा है।
मुद्दा बनता जा रहा मवेशियों का मामला
चारा और पानी नहीं मिलने की वजह से आरोपी मनोज के चार मवेशी दर बदर हैं। उनकी देखभाल करने वाला कोई नहीं है। कई बार उनके मरने की चर्चा फैल चुकी है। सोशल साइट्स पर यह अब मुद्दा बनता जा रहा है।
लोग कमेंट्स कर रहे हैं कि मवेशियों का क्या कुसूर है। हालांकि पुलिस का कहना है कि उन्होंने किसी को मवेशियों को पानी या चारा देने से नहीं रोका है। बता दें कि वारदात के बाद से मुख्य आरोपी मनोज और उसके परिवार केसदस्य भागे हुए हैं। डर की वजह से गांववाले उनकेमवेशियों को चारा-पानी नहीं दे रहे हैं।