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Ghaziabad News: शेयर ट्रेडिंग और टेलीग्राम टास्क के नाम पर सात से 1.22 करोड़ की ठगी

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गाजियाबाद। साइबर ठगों ने शहर के सात और लोगों से 1.22 करोड़ रुपये ठग लिए। ठगी का शिकार सभी लोगों ने नए साल के पहले दिन केस दर्ज कराया। सात में से चार के साथ टेलीग्राम टास्क और तीन के साथ शेयर ट्रेडिंग के नाम पर ठगी की गई। 28 फरवरी 2024 को खुले साइबर थाने में 10 महीनों में यह पहला मौका जब एक ही दिन में सात केस दर्ज कराए गए हैं। साइबर अपराध का पिछले छह महीने का रिकार्ड देखा जाए तो सबसे ज्यादा ठगी शेयर ट्रेडिंग के नाम पर है। दूसरे स्थान पर टेलीग्राम टास्क के नाम पर। तीसरे नंबर पर भय दिखाकर खाते में रकम जमा कराना है, जिसे डिजिटल अरेस्ट का नाम दिया गया है। डीसीपी क्राइम सच्चिदानंद राय ने बताया कि सातों मामले में ठगी के शिकार लोगों ने अपराधियों के मोबाइल नंबर और बैंक खाता संख्या दी है। इनके आधार पर अपराधियों का पता लगाने और बैंक खातों को फ्रीज कराने का प्रयास किया जा रहा है।
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ठगों ने वकील के मुंशी

को भेजा रिकवरी नोटिस
( शेयर ट्रेडिंग के नाम पर ठगी )
शेयर ट्रेडिंग के नाम पर ठगी का शिकार हुए नेहरुनगर निवासी निशांत गर्ग ने बताया कि वह वकील के मुंशी हैं और ई-स्टांप टाइपिंग का काम करते हैं। ठगों ने 9.42 लाख जमा कराने के बाद 48.89 लाख की लाटरी निकालने का लालच दिया। इसके लिए 50 लाख रुपये जमा करान के लिए कहा। उन्होंने मना कर दिया तो कानूनी कार्रवाई की धमकी देकर व्हाट्सएप पर रिकवरी नोटिस भेज दिया।
क्राॅसिंग रिपब्लिक की सॉलीटेयर टॉवर पैरामाउंट सिंफनी निवासी मुमताज खान को व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़कर शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 30.25 लाख रुपये की ठगी की गई। ठग डिजिटल वालेट में रकम बढ़ाते गए। मुमतान ने बताया कि वह रकम निकाल नहीं पा रही थीं। ग्रुप एडमिन से शिकायत की तो उसने हर बार और रकम जमा कराने के लिए कहा।
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शालीमार गार्डन क्षेत्र के पन्नू चौक निवासी अक्षय प्रसाद ने बताया कि व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़कर शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 48.33 लाख रुपये की ठगी की गई। डिजिटल वालेट में रकम बढ़ती गई लेकिन वह निकाल नहीं पा रहीं थीं। शिकायत करने पर एक ही बात कही जाती, और रकम जमा कराओ, तब निकाल पाओगी।




वालेट में रकम बढ़ती गई

पर निकाल नहीं पाए
(टास्क से कमाई के नाम पर ठगी )
विश्वासनगर निवासी अनुज त्यागी ने बताया कि टेलीग्राम टास्क के नाम पर उनके साथ 8.63 लाख रुपये की ठगी की गई। सात से 16 दिसंबर तक घर बैठे गूगल रिव्यू और फिर धनराशि जमा कराकर टास्क दिए गए। वालेट में रकम बढ़ती गई लेकिन निकाल नहीं पाए।
इंदिरापुरम क्षेत्र के साया गोल्ड एवेन्यू निवासी कारोबारी रचित गोयल को साइबर ठगों ने गेट रिच बाई वर्क हार्ड नाम का लिंक भेजकर एप डाउनलोड कराया। उन्हें गूगल रिव्यू के टास्क दिए और कुछ रुपये भी खाते में ट्रांसफर किए। इसके बाद 14.13 लाख रुपये खातों में ऑनलाइन ट्रांसफर करा लिए। शिकायत करने पर ग्रुप से निकाल दिया।

निजी कंपनी के कर्मचारी शालीमार गार्डन के बी-ब्लॉक निवासी उण्णकृष्णनन नायर को टेलीग्राम पर एप के जरिये टास्क दिए गए। मोटी कमाई का लालच देकर 6.18 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। इसके बाद जैसे ही रकम निकालने के लिए कहा तो ग्रुप से निकाल दिया।
राजनगर एक्टेंशन निवासी अमित शर्मा ने बताया कि साइबर ठगों ने टेलीग्राम टास्क के नाम पर 5.22 लाख रुपये की ठगी की। इसके लिए लिंक भेजकर ग्रुप से जोड़ा। वालेट में रकम दिखाई। इसे निकालने के लिए कहा तो और रकम मांगी। शिकायत की तो ग्रुप से निकाल दिया।
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नाम पता ठगी







निशांत गर्ग नेहरुनगर 9.42 लाख







अनुज त्यागी विश्वासनगर 8.63 लाख







रचित गोयल इंदिरापुरम 14.13 लाख







मुमताज खान क्रासिंग रिपब्लिक 30.25 लाख







अक्षय प्रसाद शालीमार गार्डन 48.33 लाख







अमित शर्मा राजनगर एक्सटेंशन 5.22 लाख







उण्णकृष्नन नायर शालीमार गार्डन 6.18 लाख
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