गाजियाबाद। परिवार परामर्श केंद्र पर पिछले आठ माह में 2165 शिकायती पत्र आए हैं। इनमें से अधिकांश शिकायती पत्रों में मोबाइल पर मिले सुबूत का जिक्र है। पीड़िताएं मोबाइल चैट्स, महिला दोस्त के साथ पति की वीडियो कॉल के स्क्रीनशॉट तो कोई अश्लील रील जैसे सुबूत के साथ परिवार परामर्श केंद्र पर पहुंच रही हैं। पीड़िताएं अपना-अपना दर्द काउंसलर्स के सामने बयां करती हैं तो पति को भी बुलाया जाता है। पति भी पत्नी पर अधिकांश ऑनलाइन रहना, एकांत में अन्य से बातचीत करना, रील बनाने और परिवार की बातें रिकॉर्ड करने का आरोप लगा रहे हैं।
लोहिया नगर स्थित परिवार परामर्श केंद्र पर पहुंची एक पीड़िता ने बताया कि पति इंजीनियर हैं और दिल्ली की कंपनी में जॉब करते हैं। सुबह आठ बजे ऑफिस के लिए निकलते हैं और शाम सात बजे लौटते हैं। आते ही मोबाइल पर फेसबुक, इंस्टाग्राम, मैसेंजर और अन्य प्लेटफार्म पर व्यस्त रहते हैं। पीड़िता को समय नहीं दे पाते। विरोध करने पर मारपीट पर उतारू हो जाते हैं।
काउंसलिंग के दौरान एक अन्य पीड़िता का पति अपनी पत्नी की कुछ चैट्स और रील लेकर पहुंचा। बताया कि उनकी मां की उम्र 68 वर्ष है। पत्नी ने एलईडी पर लुंगी डांस का गाना बजाया और उनकी मां से चश्मा लगाकर डांस कराया। वीडियो बनाई और रील बनाकर इंस्टाग्राम पर अपलोड कर दी।
परिवार परामर्श केंद्र की निरीक्षक पुष्पा सिंह ने बताया कि जनवरी से अगस्त के बीच आए शिकायती पत्रों में दांपत्य जीवन में अधिकांश कड़वाहट जून माह में आई। जून माह में सर्वाधिक 823 पीड़िताओं ने शिकायती पत्र सौंपे हैं। (संवाद)