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Ghaziabad News: नरसिंहानंद के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल

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यति नरसिंहानंद गिरी। शिवशक्ति धाम डासना के पीठाधीश्वर।
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गाजियाबाद। जूना अखाड़े के महंत यति नरसिंहानंद के खिलाफ दर्ज पैगंबर मोहम्मद पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में सिहानी गेट थाना पुलिस ने कोर्ट में 27 पन्नों का आरोप पत्र दाखिल कर दिया है। धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचने के आरोप में भारतीय न्याय संहिता की धारा 302 के तहत दाखिल किए गए आरोप पत्र के साथ साक्ष्य के रूप में 18 सेकंड की वीडियो भी पेन ड्राइव में सौंपा गया है।
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यति नरसिंहानंद के खिलाफ केस तीन अक्तूबर को दर्ज किया था। इसके अगले दिन से ही उनके खिलाफ मुस्लिम संगठनों ने हंगामा-प्रदर्शन शुरू कर दिया था। यूपी से लेकर महाराष्ट्र तक हंगामा हुआ था। गाजियाबाद में लगभग 20 दिन तक बवाल चला था। इसमें पुलिस ने 20 से ज्यादा केस दर्ज कर 40 लोगों को गिरफ्तार किया था।
पुलिस ने 52 दिन चली जांच पड़ताल के बाद यति के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। इसके लिए उस कार्यक्रम में शामिल सात लोगों के बयान भी दर्ज किए गए हैं, जिसमें यति ने यह बयान दिया था। जिस वीडियो के आधार पर केस दर्ज हुआ, पुलिस उसकी फोरेंसिक जांच कराएगी।
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बयान
यति नरसिंहानंद के खिलाफ दर्ज धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के मामले में जांच पूरी हो गई है। इसके बाद चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी गई है। पुलिस ने पर्याप्त साक्ष्य जुटाए हैं। - पूनम मिश्रा, एसीपी

वीडियो में मेरी आवाज नहीं

(यति का बयान)
कोर्ट में पेश की गई चार्जशीट में यति नरसिंहानंद का बयान भी है। इसमें यति ने कहा कि वायरल वीडियो में उनकी आवाज नहीं है। वीडियो से छेड़छाड़ की गई है। उन्होंने कोई अमर्यादित टिप्पणी नहीं की। हालांकि, इस बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि उन्हें चार्जशीट दाखिल कर दिए जाने की जानकारी नहीं है।


एक साल की कैद का प्रावधान

(बीएनएस की धारा 302)
यति के खिलाफ बीएनएस की जिस धारा 302 के तहत चार्जशीट दाखिल की गई है, उसमें दोष सिद्ध होने पर एक साल कैद की सजा और जुर्माने का प्रावधान है। सजा में कारावास और जुर्माना एक साथ भी हो सकते हैं। यह धारा किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाए जाने पर लगाई जाती है।
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