गाजियाबाद। मौसम में लगातार हो रहे बदलाव का असर लोगों की सेहत पर साफ दिखाई दे रहा है। खासकर एलर्जी, दमा और रक्तचाप के मरीजों की समस्याएं बढ़ गई हैं। एमएमजी अस्पताल में रोजाना 2500 से 2700 नए मरीज आ रहे हैं। इनमें से 40 फीसदी मरीज सांस और रक्तचाप की समस्या से ग्रसित हैं।
एमएमजी अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. संतराम वर्मा ने बताया कि तापमान में अचानक बदलाव होने से शरीर का संतुलन बिगड़ जाता है। इसका सीधा असर श्वसन नली और हृदय पर पड़ता है। इससे एलर्जी, दमा और रक्तचाप की समस्या गंभीर हो जाती है। डॉ. वर्मा ने बताया कि यदि समय रहते सावधानी बरती जाए तो मौसम के बदलाव से होने वाली बीमारियों से काफी हद तक बचा जा सकता है। किसी भी तरह की गंभीर परेशानी होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।
पांच दिन से बढ़ी है सांस की परेशानी
भीम नगर निवासी 55 वर्षीय सुनीता ने बताया कि सर्दी कम होने के बाद पांच-छह दिन से अचानक सांस की परेशानी बढ़ गई है। डॉक्टर ने दवाई के साथ ही नेबुलाइजर लेने की सलाह दी है।
बीमारी बढ़ने के मुख्य कारण
-दिन-रात के तापमान में ज्यादा अंतर होने से शरीर खुद को ढाल नहीं पाता।
-हवा में बढ़ती धूल, पराग कण और प्रदूषण, जो एलर्जी व दमा के मरीजों की परेशानी बढ़ा रहे हैं।
-ठंडी और गर्म हवा का अचानक संपर्क, जिससे सांस की नलियों में सूजन आ जाती है।
-अनियमित दिनचर्या और मौसम के अनुसार खानपान में बदलाव न करना।
-पहले से रक्तचाप, दमा या एलर्जी की बीमारी होना, इसमें मौसम परिवर्तन ट्रिगर का काम करता है।
बचाव के लिए जरूरी सावधानियां
-मौसम के अनुसार कपड़े पहनें और सुबह व रात में ठंड से बचाव करें।
-धूल और प्रदूषण से बचने के लिए बाहर निकलते समय मास्क का उपयोग करें।
-दमा और एलर्जी के मरीज अपनी दवाएं नियमित रूप से लेते रहें। बिना डॉक्टर की सलाह के दवा बंद न करें।
-रक्तचाप के मरीज नियमित जांच कराएं और नमक व तैलीय भोजन से परहेज करें।
-पर्याप्त पानी पीएं, संतुलित आहार लें और हल्का व्यायाम दिनचर्या में शामिल करें।