गाजियाबाद। वार्डों का परिसीमन बदलने के बाद अब वोटर लिस्ट भी बदलनी पड़ेगी। वोटर लिस्ट को अपडेट करने के लिए शासन ने नगर निगम से पुराने वार्ड, उसमें मतदाताओं की संख्या क्रमांक के साथ और परिसीमन के बाद नए वार्ड व मतदाताओं का डाटा मांगा है। निगम अधिकारी कर्मचारी अब इस डाटा को तैयार करने में जुट गए हैं।
दरअसल, प्रदेश सरकार जुलाई तक नगर निकाय चुनाव कराना चाहती है। यही वजह है कि परिसीमन समेत चुनाव पूर्व की सभी तैयारियां तेजी से की जा रही हैं। नए परिसीमन की वजह से न सिर्फ वार्डों का क्रमांक बदल गया है, बल्कि उनका स्वरूप भी बदल गया है।
वार्डों में नई कालोनियां जुड़ जाने से उनमें बूथों की संख्या भी बढ़ जाएगी। मतदाताओं का नाम भी एक वार्ड से काटकर दूसरे वार्ड में जोड़ा जाना है। ऐसे में निकाय चुनाव की मतदाता सूची को अपडेट करने में भी मशक्कत करनी पड़ेगी।
यह लिस्ट अपडेट करने से पहले शासन ने निगम से पूरा ब्यौरा मांगा है। शासन ने जानकारी मांगी है कि पुराने वार्ड कौन से थे और उनमें कौन सी कालोनियां शामिल थीं। उन कालोनियों में कितने मतदाता व बूथ थे। उनका क्रमांक क्या था।
इसके अलावा निगम अधिकारियों को शासन को यह जानकारी भी भेजनी है कि परिसीमन के बाद वार्डों का क्रमांक , उनमें कालोनियों व मतदाताओं की संख्या और उनका क्रमांक क्या है। यह पूरा डाटा नगर निगम को बुधवार तक लखनऊ भेजना है। इसके लिए दो दिन से निगम अधिकारी और कर्मचारी मशक्कत कर रहे हैं।
अधिकारी बोले
शासन के निर्देशों पर 2012 की निकाय मतदाता सूची को परिसीमन के बाद बने नए वार्डों के मुताबिक तैयार किया जा रहा है। परिसीमन की वजह से एक वार्ड के मतदाताओं को दो या तीन अलग-अलग वार्ड में शामिल करना होगा। यह डाटा तैयार कराया जा रहा है। - डीके सिन्हा, अपर नगरायुक्त