माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। सदर सीट पर हो रहे उप चुनाव में मतदान प्रतिशत बढ़ाना भी बड़ी चुनौती रहेगा। वजह यह है कि इस क्षेत्र के लोगों में मतदान के प्रति उत्साह पिछले चुनावों में कम ही रहा है। इस बार चुनाव का रंग भी चटख नहीं है। आसपास के शहरों में मतदान के दिन 13 नवंबर को छुट्टी नहीं है। इसका असर भी मतदान प्रतिशत पर पड़ सकता है।
सदर क्षेत्र से बड़ी संख्या में लोग नौकरी के लिए दिल्ली और एनसीआर के गुरुग्राम, फरीदाबाद, गौतमबुद्ध नगर जिलों में जाते हैं। आम चुनाव में नौकरीपेशा लोगों को वोट डालने के लिए अवकाश मिल जाता है, लेकिन इस बार ऐसी व्यवस्था नहीं की गई है। बड़ी संख्या में लोग ऐसे हैं जो गाजियाबाद में ही सदर के बाहर नौकरी या कारोबार करते हैं।
उप चुनाव में रैलियां और रोड शो भी नहीं हो रहे हैं। इस वजह से चुनाव के माहौल का रंग भी फीका ही है। आम चुनाव में निर्वाचन आयोग की ओर से मतदाता जागरुकता कार्यक्रम चलाया जाता था। इस बार यह भी नजर नहीं आ रहा है। पिछले लोकसभा चुनाव में भी सदर सीट पर मतदान प्रतिशत कम रहा था।
सदर में मतदान
2012 - 54.08
2017 - 53.26
2022 - 51.75