गाजियाबाद। साहिबाबाद क्षेत्र में 11 वर्ष पूर्व तीन वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म करने के दोषी पांच बच्चों के पिता चने वाले नालंदा बिहार के मनोज को पॉक्सो कोर्ट ने दस वर्ष कारावास की सजा सुनाई है। अदालत के विशेष न्यायाधीश लालबाबू यादव ने निर्णय में दोषी पर बीस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड से मिली पूरी धनराशि पीड़िता को दिए जाने का आदेश दिया। अदालत ने सुनवाई के दौरान बच्ची का बयान और मेडिकल रिपोर्ट को अहम माना।
सुनवाई के दौरान आठ गवाह और दस साक्ष्य अदालत में पेश किए गए थे। बयान दर्ज कराने वालों में बच्ची, उसकी मां और चिकित्सकीय परीक्षण करने वाली महिला चिकित्सक के अलावा स्वतंत्र चार साक्षियों के बयान दर्ज हुए थे, जबकि बचाव पक्ष की तरफ से कोई गवाह पेश नहीं हुआ था।
पिता ने दर्ज कराई थी रिपोर्ट
एक व्यक्ति ने थाना साहिबाबाद में सात अगस्त 2014 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें बताया था कि उनकी बेटी रात नौ बजे घर में खेल रही थी, जबकि बच्ची की दादी सो रही थी। मनोज नाम के चने वाले किरायेदार ने उसे अपने पास बुलाया और अपने कमरे में ले गया। वहां वह बच्ची से छेड़छाड़ करने लगा। जब लड़की चिल्लायी तो उनकी भाभी ने वहां पहुंचकर बेटी को छुड़ाया, मनोज उनकी भाभी को धक्का देकर वहां से भाग गया। वह नालन्दा बिहार के मानदा का रहने वाला है।