गाजियाबाद। कैश वैन डकैती में नेपाल बार्डर से पकड़े गए आरोपी सुहैब की मां रुखसाना ने पुलिस पर हत्या का आरोप लगाते हुए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में प्रार्थना पत्र दाखिल किया है। महिला का दावा है कि उसके परिवार के सदस्यों को अवैध रूप से हिरासत में रखा गया और बाद में फर्जी मुठभेड़ दिखाकर दो युवकों 20 वर्षीय विधि छात्र जुबैर व 25 वर्षीय समीर की हत्या कर दी गई। महिला का यह भी आरोप है कि पुलिस ने फर्जी तरीके से एक लाख रुपये का इनाम घोषित कर दिया।
महिला ने अपने अधिवक्ता खालिद खान के माध्यम से अदालत में दायर याचिका में विभिन्न थानों और विशेष अभियान दल के कुल 16 पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। अदालत ने याचिका स्वीकार करते हुए वेव सिटी थाना पुलिस को 30 मई तक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
आरोप है कि 11 मई को इंस्पेक्टर अनिल राजपूत, हेड कांस्टेबल संदीप कुमार, हेड कांस्टेबल विशाल राठी, चालक मोहित शर्मा, दरोगा आशीष सिंह, हेड कांस्टेबल तरुण यादव, हेड कांस्टेबल हिमांशु मलिक, चालक फरमान, वेव सिटी थाना प्रभारी मानवेंद्र सिंह, हेड कांस्टेबल प्रशांत मलिक और सिहानी गेट थाना प्रभारी कुलदीप दीक्षित सहित अन्य पुलिसकर्मी महिला के घर पहुंचे थे।
महिला का आरोप है कि उस दिन उनके पति और बेटे को थाने ले जाया गया था। बाद में पति को छोड़ दिया गया, लेकिन बेटे सुहैब और उसके दो साथियों जुबैर व फिरोज को अवैध रूप से हिरासत में रखा गया। परिवार के लगातार शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। याचिका में यह भी आरोप लगाया गया कि इसके बाद पुलिस अधिकारियों ने मिलकर एक कथित फर्जी मुठभेड़ की कहानी तैयार की। बिना उचित जांच के दो युवकों को अपराधी बताकर उनकी हत्या कर दी गई।
महिला ने यह भी कहा है कि इस पूरी कार्रवाई में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और उच्च न्यायालय के दिशा निर्देशों का पालन नहीं किया गया और मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया। उसका दावा है कि उसका बेटा और एक रिश्तेदार 12 मई से लापता हैं और उन्हें किसी अज्ञात स्थान पर अवैध रूप से रखा गया है।