भोपुरा रोड स्थित शालीमार सिटी अपार्टमेंट के फ्लैट में कैग के ऑडिट ऑफिसर की पत्नी को बंधक बनाकर सोमवार दोपहर दो बदमाशों ने लाखों की ज्वैलरी और नगदी लूट ली। बदमाश सोसायटी के मेंटेनेंसकर्मी बनकर आए और महिला को नशीला पदार्थ सुंघाकर लूट को अंजाम दिया।
विरोध किया तो गर्दन पर चाकू लगाकर जान से मारने की धमकी दी। वारदात से गुस्साए सोसायटी के लोगों ने बिल्डर और सिक्योरिटी स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए भोपुरा रोड जाम कर दिया। हंगामे की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को शांत करवाकर जाम खुलवाया।
करीब एक घंटे लोग जाम से जूझते रहे। शालीमार सिटी के फ्लैट संख्या-1111 कोरल बी टॉवर में कैग (भारतीय नियंत्रक महालेखा परीक्षक) के ऑडिट ऑफिसर सत्यवीर सिंह पत्नी विजयलक्ष्मी और दो बच्चों के साथ रहते हैं। सोमवार सुबह बच्चों के स्कूल जाने के बाद सत्यवीर अपने ऑफिस गए थे। पत्नी घर में अकेली थीं।
दोपहर करीब 12:30 बजे उन्होंने पत्नी को कॉल किया तो फोन नहीं उठा। इसके बाद उन्होंने एक बजे से डेढ़ बजे तक कई बार कॉल किया, तब भी फोन रिसीव नहीं हुआ। उन्हें पत्नी के स्वास्थ्य की चिंता हुई तो वह करीब दो बजे घर लौट आए। इस दौरान फ्लैट का दरवाजा खुला था। ड्राइंग रूम के सोफे पर पत्नी बेहोश पड़ी थीं।
वह तुरंत उन्हें हिंडन एयरबेस अस्पताल ले गए। जहां से उन्हें वसुंधरा के निजी अस्पताल रेफर कर दिया गया। देर रात उन्हें होश आया।होश में आने पर विजयलक्ष्मी ने बताया कि मेंटेनेंस कर्मी बनकर दो युवक घर आए थे। उन्होंने वाटर फिटिंग आदि की जांच की। इसके बाद उन्हें नशीला पदार्थ सुंघा दिया। वह बेहोश हो गईं।
करीब 10 मिनट बाद उन्हें होश आया तो वह पति को फोन करने के लिए उठीं। इस दौरान लूटपाट कर रहे एक बदमाश ने उन्हें देख लिया और गर्दन पर चाकू लगा दिया। तभी वह फिर से बेहोश हो गईं। वारदात की सूचना मिलने पर देर रात पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और जांच शुरू की।
दूसरी ओर मंगलवार सुबह स्थानीय लोगों को घटना की जानकारी हुई तो सोसायटी के सैकड़ों रेजिडेंट्स ने भोपुरा रोड पर जाम लगा दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को शांत करवाया। एसएचओ साहिबाबाद धीरेंद्र यादव ने बताया कि रेजिडेंट्स ने बिल्डर पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
सोसायटी के जीएम समेत चार लोगों को हिरासत में लिया गया है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। पीड़ित परिवार के अनुसार लुटेरे करीब 10 तोले सोने की ज्वैलरी और करीब 40 हजार रुपये कैश लूटकर ले गए हैं। एसएचओ ने बताया कि सोसायटी की लिफ्ट में लगे सीसीटीवी कैमरे में दोनों युवक कैद हो गए हैं।
दोनों करीब डेढ़ बजे लिफ्ट में घुसे और ग्यारहवीं मंजिल पर उतरे। उनके पास एक बैग और एक पेपर था। पीड़ित महिला के अनुसार वह पेपर गीला था। ऐसे में उन्हें शक है कि पेपर पर ही नशीला पदार्थ लगा था, जिससे वह बेहोश हो गईं।
सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे लोग सोसायटी में इकट्ठा हुए और बिल्डर के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। लोग तुरंत रोड पर आ गए और भोपुरा रोड को जाम कर दिया। इस दौरान सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। लोग सड़क पर ही बैठ गए और बिल्डर की गिरफ्तारी की मांग करने लगे।
मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को कार्रवाई का आश्वासन देकर हटाया। दोपहर करीब साढ़े ग्यारह बजे से साढ़े बारह बजे से लोग जाम से जूझते रहे। हंगामा करने उतरे रेजीडेंट्स ने बिल्डर पर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सोसायटी के आधे से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे खराब हैं। सिक्योरिटी में लापरवाही बरती जाती है।
हर माह हजारों रुपये मेंटेनेंस लेने के बाद भी सुविधाएं नहीं हैं। उधर, शालीमार सिटी के डायरेक्टर विजय रावत ने बताया कि पुलिस को सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज दे दी गई है। जांच में पूरा सहयोग किया जा रहा है। रेजिडेंट्स के आरोप निराधार हैं। अगर कुछ कमी है तो उनमें सुधार किया जाएगा।
बिल्डर के खिलाफ रेजिडेंट्स धरने पररेजिडेंट्स ने बताया कि बिल्डर शाम छह बजे उनकी समस्या सुनने के लिए उनके पास आने वाले थे लेकिन वह नहीं पहुंचे। इससे रेजिडेंट्स उसके खिलाफ धरने पर बैठ गए।बदमाशों ने गेट पर अजय के नाम से एंट्री की और खुद को ब्रॉडबैंड कंपनी का मैकेनिक बताया।
बदमाशों ने बताया कि वे मेंटेनेंस ऑफिस जाना चाहते हैं, मगर मेंटनेंस ऑफिस नहीं जाकर वह बेसमेंट के रास्ते 11वें फ्लोर पर चले गए। पुलिस के अनुसार बदमाश पहले भी सोसायटी में आते-जाते रहे हैं तभी उन्होंने ग्राउंड फ्लोर से न जाकर बेसमेंट के रास्ते लूट को अंजाम दिया।
क्योंकि अगर वे ग्राउंड फ्लोर से जाते तो उन्हें लिफ्ट के पास बैठे टॉवर के पास भी एंट्री करवानी पड़ती। इतना ही नहीं गार्ड इंटरकॉम के जरिए फ्लैट में बात करने के बाद ही उन्हें ऊपर भेजता। पुलिस को घटना में किसी मेंटेनेंस स्टाफ के शामिल होने का भी शक है।