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सीएजी : आमदनी और खर्च के लक्ष्य को भी हासिल नहीं कर पाया जीडीए

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गाजियाबाद। 2017 से 22 के बीच आमदनी और व्यय के लक्ष्य को भी जीडीए हासिल नहीं कर सका। भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक(सीएजी) की रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है। पांच सालों की रिपोर्ट के साथ जीडीए के सक्रियता पर सवाल उठाया गया है। आंकड़ों के अनुसार लक्ष्य के सापेक्ष 60 फीसदी का भी आंकड़ा जीडीए छू नहीं पाया है।
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रिपोर्ट में कहा गया है कि सबसे कम 2018-19 के बीच जीडीए लक्ष्य के सापेक्ष 18.50 फीसदी ही आमदनी कर सका। 2017-18 में आमदनी की लक्ष्य 2472 करोड़ 94 लाख तय किया गया था, लेकिन जीडीए ने 1087 करोड़ की ही प्राप्ति की। करीब 56 फीसदी ही लक्ष्य हासिल कर सका। वहीं इस वर्ष व्यय 62.79 फीसदी किया गया। जबकि खर्च का लक्ष्य 2803 करोड़ 62 लाख था।
2018-19 में आय का लक्ष्य 2504 करोड़ 98 लाख रखा गया। लक्ष्य के सापेक्ष इस वर्ष आमदनी महज 18.50 फीसदी की गई। जबकि खर्च का लक्ष्य 2255 करोड़ तय किया गया, जबकि खर्च 2.93 फीसदी ही किया गया।
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2019-20 में आय का लक्ष्य 1435 करोड़ 30 लाख था। जबकि आमदनी महज 606 करोड़ 54 लाख की हुई। करीब 57.74 फीसदी ही जीडीए आमदनी कर पाया। जबकि इसी वर्ष खर्च का लक्ष्य 1343 करोड़ 80 लाख था। लक्ष्य के सापेक्ष जीडीए ने 42.82 फीसदी ही खर्च कर पाया।

2020-21 में आमदनी का लक्ष्य घटकर 919 करोड़ 19 लाख हो गया। बावजूद इसके जीडीए इस साल महज 40.20 फीसदी ही आमदनी कर पाया। जीडीए की इनकम 50 फीसदी से भी कम हो गई। 549 करोड़ 65 लाख की इनकम कर पाया। वहीं खर्च की बात करें तो योजनाओं के विकास पर 931 करोड़ 83 लाख खर्च का लक्ष्य रखा गया, लेकिन जीडीए 561 करोड़ 42 लाख ही खर्च कर सका। इस बार 39.75 फीसदी की कमी रही।

2021-22 में जीडीए ने आय का लक्ष्य 1020 करोड़ 32 लाख निर्धारित किया। व्यय का लक्ष्य 1001 करोड़ 81 लाख रखा गया। लक्ष्य के सापेक्ष आय में 40.79 फीसदी की कमी रही। जबकि खर्च के लक्ष्य के सापेक्ष 43.94 फीसदी की कमी ऑडिट में पाई गई।
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