जीडीए के इंजीनियरिंग और उद्यान विभाग के बाद अब प्रॉपर्टी विभाग, सीएजी ऑडिट टीम की रडार पर आ गया है। कैग (सीएजी) टीम ने प्रॉपर्टी विभाग से ऐसे लोगों का ब्यौरा मांगा है, जिन्हें जीडीए से दो या इससे ज्यादा प्रॉपर्टी का आवंटन हुआ है। संपत्ति विभाग आवंटियों का डाटा खंगाल रहा है।
माना जा रहा है कि इस मामले में जीडीए अफसरों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।नियमों के मुताबिक किसी भी सरकारी अथॉरिटी से एक व्यक्ति को एक ही प्रॉपर्टी अलॉट हो सकती है। अगर व्यक्ति प्राधिकरण की दूसरी योजना में प्रापर्टी आवंटन का लाभ लेता है तो यह नियमों के विरुद्ध है।
दोनों में से एक प्रॉपर्टी आवंटी को सरेंडर करनी होगी। जीडीए में इन सब मानकों को ताक पर रखा गया है।
600 लोग जांच के घेरे में
साल 2016 की शुरुआत में सीएजी टीम ने आडिट का काम शुरू किया था लेकिन कुछ समय बाद राजनीतिक कारणों से ऑडिट का काम रुक गया। सूत्र बताते हैं कि उस वक्त शुरुआती जांच में करीब 2 हजार लोगों की सूची तैयार की गई थी। इनमें से करीब 1400 लोग ऐसे मिले, जिनके नाम पर एक से अधिक प्रॉपर्टी आवंटित थी।
जांच में आवंटियों के पिता के नाम और पते अलग-अलग थे। उस वक्त उनकी आगे की जांच की गई तो करीब 600 लोग निकल थे, जिनके नाम पर जीडीए की विभिन्न योजनाओं में दो या उससे अधिक प्रॉपर्टी आवंटित हुई थी।
हालांकि उस वक्त आडिट की सूची जारी नहीं की गई थी। ऐसे में अब दोबारा से ऑडिट का काम शुरू होते ही जीडीए से जुड़े अधिकारियों व आवंटियों की मुश्किलें बढ़ती दिखाई दे रही हैं। उधर, प्रॉपर्टी विभाग के अफसरों का कहना है कि कैग टीम ने जो डाटा मांगा है वह उपलब्ध कराया जा रहा है।