इंदिरापुरम। राज्य कर विभाग के अधिकारियों ने 27 करोड़ रुपये की कर चोरी के आरोप में इंदिरापुरम थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने शिकायत पर मामले की जांच शुरू कर दी है।
राज्य कर विभाग की सहायक आयुक्त कल्पना सिंघल ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वसुंधरा सेक्टर-2 के पते पर अप्रैल 2025 में धर्मेश एंटरप्राइजेज नाम से फर्म पंजीकृत कराई गई। फर्म संचालक ने न सिर्फ फर्जी आईटीसी हासिल की बल्कि कर भी नहीं दिया। इससे राजस्व को करीब 27 करोड़ का नुकसान हुआ। उन्होंने बताया कि टीम जांच के लिए फर्म के पते पर टीम पहुंची तो वहां कोई काम होता नहीं मिला। उक्त पते पर मिले व्यक्ति ने कहा कि उन्होंने कोई फर्ज पंजीकृत नहीं कराई। शुरुआती जांच में फर्म को किराये के भवन में संचालित दिखाकर फर्जीवाड़ा करने की बात सामने आई है।
राज्य कर विभाग ने शिकायत देकर नेटवर्क में शामिल आरोपियों का पता लगाने के लिए अपील की है। फर्म ने बिना खरीददारी किए वित्तीय वर्ष 2025-26 में 16.17 करोड़ रुपये की फर्जी आईटीसी (इनपुट टैक्स क्रेडिट) का दावा किया था। साथ ही करीब 60 करोड़ रुपये की बिक्री दिखाते हुए 10.91 करोड़ रुपये के कर की देनदारी स्वीकार की। कर का भुगतान आईटीसी से समायोजित करते हुए बाकी रकम हड़प ली। एसीपी इंदिरापुरम अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि पते और नंबर के आधार पर छानबीन कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।