औरंगाबाद। थाना क्षेत्र के गांव रजवाना में गाड़ी को लेकर हुए विवाद के बाद फायरिंग में घायल हुए प्रॉपर्टी डीलर के बेटे का मेरठ मेडिकल में इलाज चल रहा है। जहां वरिष्ठ चिकित्सकों की देखरेख में ऑपरेशन कर पेट में फंसी गोली को सकुशल बाहर निकाल लिया गया। इसके बाद घायल की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। फायरिंग तमंचे से करना सामने आ रहा है। फिलहाल पुलिस की आठ टीमें आराेपियों की गिरफ्तारी में लगी हुई हैं। वहीं, गांव में तीन कंपनी पीएसी के साथ कई थानों की फोर्स मौके पर मौजूद है। गलियों में गश्त करते हुए पल-पल की नजर रखी जा रही है।
क्षेत्र के गांव रजवाना में बृहस्पतिवार रात गांव निवासी अजीम और दूसरे पक्ष से ऋतिक दो अलग-अलग कारें चला रहे थे। मस्जिद के पास रास्ता संकरा होने के बावजूद किसी ने गाड़ी को आगे पीछे नहीं हटाया। आरोप है कि अजीम पक्ष के लोगों ने ऋतिक की पिटाई कर दी थी। ऋतिक की शिकायत पर पुलिस अजीम समेत तीन को हिरासत में लेकर थाने ले आई।
आरोप है कि शुक्रवार दोपहर ऋतिक ने साथियों के साथ मिलकर मारपीट का बदला लेने की नियत से प्रॉपर्टी डीलर के कार्यालय पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। जिसमें एक गोली अजीम पक्ष के गुलजार नाम के युवक के पेट में लगी। मामले में गुलजार के पिता निसार की तहरीर के आधार पर पुलिस ने ऋतिक, प्रिंस, संदीप, छोटू, सचिन, नवीन समेत सात आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। घटना को करीब 30 घंटे बीत चुके है। लेकिन पुलिस की आठ टीमें आरोपियों को तलाशने में नाकाम साबित हुई हैं।
आधी रात तक एसपी सिटी-सीओ ने किया गांव में कैंप
मामला दो समुदायों से जुड़ा होने के कारण एडीजी के निर्देश पर आधी रात तक एसपी सिटी और सीओ सिटी गांव में कैंप कर रहे हैं। एसपी सिटी अभिषेक कुमार अजेय ओर सीओ प्रखर पांडेय ने देर शाम गांव में पीस कमेटी की बैठक ली। जिसमें दोनों पक्षों के सैकड़ों लोग शामिल रहे। अधिकारियों ने गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की। साथ ही कहा कि हर छोटी घटना की जानकारी तत्काल पुलिस को दें। जिससे कोई घटना न हो सके।
कोट
आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। - प्रखर पांडेय, सीओ सिटी