देश में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के पहले ‘सैनिक स्कूल’ में अगले सत्र यानी 2020-21 से दाखिले शुरू होंगे। बुलंदशहर जिले में शिकारपुर क्षेत्र के खंडवाया गांव में रज्जू भैया सैनिक विद्या मंदिर के नाम से बन रहे इस स्कूल की बिल्डिंग के लिए अगस्त 2018 में भूमि पूजन हुआ था। दस महीने से यहां काम चल रहा है।
गांव खंडवाया निवासी राजपाल सिंह फौज से सेवानिवृत्त होने के बाद समाज के लिए कुछ बड़ा करना चाहते थे। इस बीच उनकी मुलाकात राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं से हुई। राजपाल सिंह संघ से प्रभावित हुए और उन्होंने गांव में अपनी 32 बीघा जमीन पर सैनिक स्कूल बनाने की इच्छा जताई। उन्होंने यह सारी जमीन राजपाल सिंह जन कल्याण सेवा समिति ट्रस्ट के नाम पर दान कर दी। इसके बाद बाद अगस्त 2018 में भूमि पूजन किया गया। करीब दस माह से स्कूल का निर्माण कार्य चल रहा है।
ट्रस्ट पदाधिकारियों ने बताया कि आगामी 2020-21 शैक्षिक सत्र में एडमिशन व पढ़ाई शुरू कर दी जाएगी। यहां कक्षा छह से बारहवीं तक के बच्चों को शिक्षा दी जाएगी।स्कूल निर्माण के दौरान भूमि पूजन जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद व तत्कालीन केंद्रीय मंत्री डा. सतपाल सिंह ने किया था। ट्रस्ट के पदाधिकारी भाजपा नेता डीके शर्मा सचिव/प्रबंधक, शिवकुमार सैनी अध्यक्ष, अशोक कुमार मित्तल व प्रदीप सिंघल कोषाध्यक्ष बनाए गए हैं।
केवल कक्षा छह में ही होंगे एडमिशन
रज्जू भैया सैनिक विद्या मंदिर में आगामी सत्र में कक्षा छह में ही एडमिशन किए जाएंगे। जैसे-जैसे सत्र आगे बढ़ते जाएंगे, उसी आधार पर कक्षाएं भी बढ़ा दी जाएंगी। स्कूल में केवल कक्षा छह में ही बच्चों का एडमिशन लिया जाएगा।
अनुशासन और नैतिकता का मिलेगा ज्ञान
स्कूल में मुख्य रुप से नैतिकता और अनुशासन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। बच्चों को कठिन परिश्रम कर खुद को स्कूल में स्थापित करना होगा। अनुशासन का स्तर सैनिक स्कूलों की भांति होगा। बच्चों को इस तरह से शिक्षा दी जाएगी कि वह अपने जीवन में फौज की तरह अनुशासित हों।
ये होंगी सुविधाएं
स्कूल में 26 कमरों का भवन बनना प्रस्तावित है। इसमें फिजिक्स, केमेस्ट्रि और बायोलॉजी की लैब का निर्माण चल रहा है। साथ ही एडमिनिस्ट्रेशन ब्लॉक, कंप्यूटर लैब व मीटिंग हॉल का निर्माण भी किया जा रहा है। अब तक 24 कमरों का निर्माण हो चुका है।
कोई संतान न होने के कारण क्षेत्र में धर्मार्थ कार्य करने की इच्छा थी। आरएसएस के पदाधिकारियों से मुलाकात के बाद सैनिक स्कूल खोलना तय हुआ। स्कूल के लिए 32 बीघा जमीन को ट्रस्ट के नाम कर दिया है। अगले सत्र में शैक्षिक कार्य शुरू कर दिया जाएगा। छात्रों को कक्षा छह से ही एडमिशन दिया जाएगा-
राजपाल सिंह, भूमि दाता/आजीवन सदस्य स्कूल ट्रस्ट