गाजियाबाद। कष्ट दूर करने का झांसा देकर लोगों को ठगने वाले जीजा साले को क्रॉसिंग रिपब्लिक पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों से एक मंगलसूत्र, चार अंगूठी, पाजेब, सोडियम और नकली सांप बरामद हुआ है।
पुलिस का दावा है कि बरामद हुए गहनों को आरोपियों ने आठ सितंबर को सब्जी लेकर लौट रही महिला से ठगा था। आरोपियों की पहचान हापुड़ के धौलाना स्थित पिपलैडा गांव निवासी मासूम व साजिद के रूप में हुई। मासूम रिश्ते में साजिद का जीजा लगता है। एसीपी प्रियाश्री पाल ने बताया कि आरोपी हाथ की सफाई की जानकारी रखते हैं। मासूम अपने साथ सोडियम रखता था। अनजान व्यक्ति के मिलने पर वह उससे कहते था कि तुम्हारा घर बीमारी से घिरा है। आर्थिक तंगी समेत कुछ ऐसी बातें बताता था कि व्यक्ति उनकी बातों पर भरोसा करने लगते थे। इसी बीच साजिद अनजान बनकर आता और वह उससे कहता कि आप मेरे बारे में बताओ। तभी वह उसके बारे में बताना शुरू कर देता।
साजिद कहता कि वह बिलकुल सही बोल रहा है। फिर कष्ट दूर करने का प्रस्ताव रखता तो मासूम सोडियम रखी पुड़िया निकालकर उसके सिर पर उतार उसमें थूकने के बाद दूर फेंक देता था। जहां अभिक्रिया होने पर उसे पुड़िया मे आग लग जाती थी।फिर मासूम कहता था कि आधा कष्ट दूर हो गया है।
गिरोह महिलाओं को ज्यादा निशाना बनाता था। पुड़िया को जलाने के बाद वह आगे की क्रिया में सोन और चांदी के आभूषण को छोड़कर कुछ दूर जाकर पत्थर फैंकने के लिए कहते थे। टप्पेबाजों की बातों में आई महिला अपनी जूलरी उतार कर उन्हें देने के बाद पत्थर फेंकने जाती थी और इसी बीच वह आभूषण लेकर भाग जाते थे।
-वैज्ञानिक कारण से लगती है आग : जब सोडियम धातु पानी से क्रिया करती है तो अत्याधिक मात्रा में ऊष्मा उत्पन्न होती है जिससे पानी में आग लग जाती हैं। रसायन विज्ञान के प्रो. राजपाल त्यागी ने बताया कि सोडियम से आग लगना एक रसायनिक प्रक्रिया है। इसमें जादू या चमत्कार जैसा कुछ भी नहीं है।
-आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि यह काम उनके परिवार के कई लोग कर रहे हैं। वह अलग-अलग स्थानों पर जाकर हाथ की सफाई का प्रयोग कर वारदात करते हैं। वह अधिकांश महिलाओं के अलावा बुजुर्ग लोगों को भी निशाना बनाकर उनको डराते थे। प्राथमिक जांच में 50 से अधिक लोगों को ठगे जाने की बात फिलहाल सामने आई है। आरोपी ठगी करने में अलग अलग पैंतरा आजमाते थे। घटना को अंजाम देने से पहले रेकी करते थे।