पड़ोसियों ने दरवाजा काटकर दोनों के शव बाहर निकाले
गोविंदपुरम कॉलोनी के मकान संख्या एच-352 निवासी अविनाश कुमार सिंह जो इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) दिल्ली में कार्यरत थे और निजी कंपनी में नौकरी करने वाली उनकी बहन अंजली ने गुरुवार की शाम घर के एक कमरे में जहरीला पदार्थ खा लिया। शाम करीब पांच बजे उनकी मां घर पहुंची और दोनों बच्चों को घर में न देख फोन किया। मोबाइल बंद कमरे में बजता मिला। मां ने कमरे का दरवाजा खोलने का प्रयास किया लेकिन वह अंदर से बंद था। शोर मचाने पर पड़ोसी मौके पर पहुंचे और दरवाजा काटकर कमरे में दाखिल हुए। जहां दोनों भाई-बहन बेहोशी की हालत में पड़े दिखे। आनन-फानन में दोनों को सर्वोदय अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
नहीं मिला सुसाइड नोट
अस्पताल प्रबंधन की सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों के शवों का पंचनामा भरकर मेडिकल परीक्षण के लिए भेज दिया। एसीपी कविनगर भास्कर वर्मा ने बताया कि पीड़ित परिजनों ने पुलिस कार्यवाही से इनकार किया है। बताया कि चिकित्सकों के अनुसार दोनों ने सल्फास खाया है और अस्पताल पहुंचने से पूर्व ही दोनों की मौत हो चुकी थी। मौके से कोई सुसाइड नोट भी बरामद नहीं हुआ है।
मां अध्यापिका तो पिता सीएसआईआर में
मृतक अविनाश के चाचा अजीत कुमार ने बताया कि उनका परिवार मूल रूप से जनपद हापुड़ के अयादनगर गांव निवासी हैं। उनका बड़ा भाई सुखवीर सिंह करीब 30 वर्ष पूर्व गोविंदपुरम में आकर बस गए थे। भतीजे अविनाश और भतीजी अंजली का जन्म गोविंदपुरम में ही हुआ है। अविनाश कुमार सिंह इंटेलीजेंस ब्यूरो में दिल्ली की चाणक्यपुरी में तैनात थे जबकि अंजली एक निजी कंपनी में जॉब करती थी। इनके पिता सुखबीर सिंह वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) में तैनात हैं और मां सरकारी अध्यापिका हैं।