हाईवे-91 पर बावरिया गिरोह की दरिंदगी का शिकार हुए परिवारों पर अब प्रशासन ने मकानों का मरहम लगाया है। मां-बेटी के साथ हुए गैंगरेप और पूरे परिवार से मारपीट के मामले में मचे बवाल के बाद बृहस्पतिवार शाम को डीएम निधि केसरवानी ने पीड़ित परिवारों को अर्थला में दो फ्लैट आवंटित कर दिए। पीड़ित परिवारों को देर शाम आवंटन पत्र भी जारी कर दिए गए।
डीएम निधि केसरवानी ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि शासन के निर्देश के बाद पीड़ित परिजनों की मदद के लिए यह कदम उठाया गया है। उन्होंने बताया कि इंटीग्रेटिड हाउसिंग स्लम डेवलेपमेंट प्रोग्राम (आईएचएसडीपी) योजना के फ्लैट अर्थला के पास बने हुए हैं।
इन्हीं में से आसपास के दो फ्लैट पीड़ित परिवार को दिए गए हैं। डीएम ने बताया कि मकानों का आवंटन लेटर दोनों महिलाओं के नाम बनाया गया है। इस आवंटन लेटर को पीड़ित परिवारों को भिजवा दिया गया है।
बता दें कि विगत शुक्रवार को खोड़ा में रहने वाले दो भाई अपने परिवार केसाथ कार से शाहजहांपुर जा रहे थे। बुलंदशहर के पास हाईवे-91 पर बावरिया गिरोह ने कार सवार इस परिवार को अपना शिकार बना लिया था। बदमाशों ने न केवल मां-बेटी से रेप किया, बल्कि अन्य सभी की पिटाई थी की थी।
मां की तबियत बिगड़ी, पिता ने नेताओं के आने को बताया समय की बर्बादी
बुधवार को रात करीब एक बजे अचानक गैंगरेप पीड़िता की मां की तबियत बिगड़ गई। ब्लड प्रेशर लो होने के चलते उन्हें चक्कर आने लगे। आनन-फानन में दो डॉक्टरों की टीम उनके घर पहुंची और उनका इलाज किया।
किशोरी के पिता ने कहा कि लगातार नेताओं के आने से पत्नी और बेटी आराम नहीं कर पा रहीं। नेता यहां आकर समय ही बर्बाद कर रहे हैं। जो भी करना है, पुलिस और प्रशासन को ही करना है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार और प्रशासन की ओर से अब तक की गई कार्रवाई से वह संतुष्ट हैं। पिता ने घटना के बाद निलंबित किए गए एसएसपी वैभव कृष्ण की दोबारा तैनाती की मांग भी की। उन्होंने कहा कि एसएसपी और उनकी टीम की कार्रवाई के दौरान ही तीन बदमाश पकड़े गए थे।