जनता को लिफ्ट और एस्केलेटर लगाने के सब्जबाग दिखाकर बीओटी पर एफओबी बनाने के बाद अब नगर निगम अधिकारी इन पर रैंप बनवाने की तैयारी कर रहे हैं। निगम अधिकारी अब सफाई दे रहे हैं कि एफओबी में लिफ्ट या एस्केलेटर बनवाने का नहीं बल्कि रैंप बनवाने का अनुबंध था।
अगर सिर्फ रैंप ही बनाए गए तो शहर में 19 स्थानों पर लगे यह एफओबी सिर्फ विज्ञापन के लिए कमाई का जरिया बनकर रह जाएंगे। बुजुर्ग और विकलांग जिन्हें इनकी सबसे ज्यादा जरूरत है, वह इनका फायदा ही नहीं उठा पाएंगे।
शहर में 19 स्थानों पर नगर निगम ने फुटओवर ब्रिज का निर्माण कराया है। बीओटी (बिल्ट ऑपरेट एंड ट्रांसफर) पैटर्न पर इनमें से 14 एफओबी बनकर तैयार हो चुके हैं, लेकिन एक पर भी बुजुर्गों और विकलांगों के लिए लिफ्ट या एस्केलेटर नहीं बनाए गए।
पूर्व में निगम अधिकारियों ने संबंधित फर्मों को एफओबी पर लिफ्ट या एस्केलेटर लगाने के लिए नोटिस जारी किए थे, लेकिन फर्मों ने नहीं लगाए। अब निर्मल्या नाम की एक संस्था ने हाईकोर्ट में इसके खिलाफ याचिका दाखिल की तो अधिकारी गंभीर हुए।
निगम अधिकारी अब एफओबी पर सिर्फ रैंप बनाने की बात कह रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि अधिकांश अनुबंध में रैंप ही पास किए गए हैं। जबकि कई पार्षद निगम अफसरों पर अनुबंध की शर्तें बदलने और घपले का आरोप भी लगा रहे हैं। बहरहाल अब एफओबी से सड़क पार करने में बुजुर्गों को पैदल ही चलना पड़ेगा।
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यहां बने हैं एफओबी: पैसिफिक मॉल के सामने, भूषण स्टील के सामने, साहिबाबाद गांव के सामने, मोहननगर, लिंक रोड पर बीकानेर के सामने, प्रहलादगढ़ी के सामने, यूपी गेट के पास पुष्पांजलि कट, पार्श्वनाथ पैराडाइज कालोनी के सामने, जीडीए आफिस के पास, नंदग्राम कट के पास, साहिबाबाद नवीन सब्जी मंडी, कलक्ट्रेट के बाहर, लालकुआं, हापुड़ चुंगी, साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र व वसुंधरा को जोड़ने वाली रोड पर, राज रेजिडेंसी के पास डाबर चौक रोड पर,
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अधिकारी बोले
एक-दो एफओबी को छोड़कर अधिकांश में रैंप का प्रावधान है। रैंप बनाने में फर्म ने पेड़, बिजली लाइन, गैस लाइन की अड़चनें बताई हैं। इन अड़चनों को दूर करने के लिए संबंधित विभागों को पत्र लिखकर एनओसी मांगी गई है। जल्द ही एफओबी पर रैंप बनाए जाएंगे। - अरुण कुमार गुप्त, उप नगर आयुक्त