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Ghaziabad News: ब्लैकआउट मॉक ड्रिल- कुछ जगहों पर छाया अंधेरा, कहीं जलती रहीं लाइटें

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गाजियाबाद। हवाई हमले के दौरान बचाव के लिए बुधवार सुबह शहर के स्कूलों में मॉक ड्रिल कराई गई। शाम को सोसायटी में ब्लैकआउट की मॉक ड्रिल हुई। चिन्हित सोसायटियों के अलावा सभी लोगों से बत्तियां बुझाने की अपील का मिलाजुला असर रहा। कुछ लोगों ने बत्तियां बुझाईं तो कुछ सोसायटियों में बत्तियां जलती रहीं। इतना ही नहीं पूरे शहर की स्ट्रीट लाइटें भी जलती रहीं।
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रात आठ बजे एनएच-24 स्थित गोल्फ लिंक सोसायटी में जिलाधिकारी दीपक मीणा सहित सिविल डिफेंस के चीफ वार्डन ललित जायसवाल सहित पूरी टीम मौजूद रही। सायरन बजते ही सोसायटी की लाइट बंद कर दी गई। इसके अलावा सभी फ्लैट निवासियों ने भी अपने-अपने घरों की लाइट बंद की। पांच मिनट के लिए पूरी सोसायटी अंधेरे में डूब गई। इसके बाद टीम ने लोगों को मॉक ड्रिल के जरिए युद्ध की स्थिति में बचाव की जानकारी दी। आपात स्थिति में क्या करें क्या ना करें इसका भी प्रशिक्षण दिया गया। इसके अलावा राजनगर एक्सटेंशन की वीपीआईपी सोसायटी में एसएचओ नंदग्राम धर्मपाल सिंह की टीम सहित सिविल डिफेंस की टीम मौजूद रही। वसुंधरा स्थित एपेक्स द फ्लोरेंस सोसायटी और मोहननगर कटोरी मिल स्थित सेवियर पार्क में ब्लैक आउट की मॉक ड्रिल की गई।
-सायरन बजते ही बेंच-कुर्सी के नीचे छिपे बच्चे-
जिला प्रशासन और सिविल डिफेंस ने बुधवार को जिले के दस स्कूलों में मॉक ड्रिल किया, जिसमें विद्यार्थियों को सायरन की ध्वनि संकेत के माध्यम से अपने और परिवार के लोगों के बचाव के तरीके सिखाए गए। नगर पालिका बालिका इंटर कॉलेज, चंद्रपुरी में जिलाधिकारी दीपक मीणा और प्रशासन के अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में सुबह नौ बजे से दस बजे तक मॉक ड्रिल कराई गई। सिविल डिफेंस के सदस्यों ने बताया कि यदि दुश्मन, देश के अंदर हमला करता है तो हमले के दौरान आम नागरिकों को कैसे बचाया जाए। यदि हमले की आशंका हो होगी तो चेतावनी के लिए सायरन बजाया जाएगा और लाल झंडे के द्वारा सतर्क रहने की चेतावनी दी जाएगी। ऐसी स्थिति में जहां भी हो वहीं लेट जाए, संभव हो तो मेज कुर्सी के नीचे शरण लें। इस अवसर पर स्कूल में अपर जिलाधिकारी गंभीर सिंह, अपर नगर आयुक्त अरुण यादव, उक्त चिकित्सा अधिकारी डॉ. अखिलेश मोहन, आईएएस ट्रेनी अयान जैन, चीफ वार्डन ललित जायसवाल, सहायक उप नियंत्रक गुलाम नबी, स्कूल की प्रधानाचार्या डॉ.अंतिमा चौधरी, डिविजनल वार्डन राजेंद्र शर्मा, अनिल अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
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दस स्कूलों में हुई मॉक ड्रिल
जिले के दस स्कूलों में मॉक ड्रिल कराई गई। इसमें नगर पालिका बालिका इंटर कॉलेज चंद्रपुरी के साथ शंभु दयाल इंटर कॉलेज, गुरु नानक कन्या इंटर कॉलेज, सेठ मुकुंद लाल इंटर कालेज, राजकीय कन्या इंटर कालेज विजयनगर, जेकेजी इंटर कालेज, स्वामी विवेकानंद सरस्वती विद्यामंदिर, खेतान पब्लिक स्कूल, नगर पालिका इंटर कालेज साहिबाबाद और पद्मश्री एन एन मोहन पब्लिक स्कूल वसुंधरा शामिल रहे।
रेलवे स्टेशन पर हुआ मॉक ड्रिल
आरपीएफ व जीआरपी की टीम ने बुधवार को रेलवे स्टेशन पर मॉल ड्रिल कराकर हवाई हमले के समय बचाव की जानकारी दी। सिविल डिफेंस की मदद से लोगों को मॉक ड्रिल के जरिए जमीन पर लेटकर बचाव की पूरी गतिविधि करके दिखाई गई। जीआरपी निरीक्षक नवरत्न गौतम ने बताया कि रेलवे स्टेशन पर हजारों लोग आते हैं। इन लोगों को हमले जैसी स्थिति में हिम्मत से काम लेने की सीख दी गई। लोगाें को बताया गया कि वह न खुद घबराएं और औरों को भी इसके लिए जागरूक करें। मॉक ड्रिल को देखने के लिए बड़ी तादाद में लोग इकट्ठा हो गए। कई लोगों ने देश की सीमा पर बनी तनाव की स्थिति के बारे में सवाल किए। अधिकारियों ने उनको समझाया। इस मौके पर जीआरपी सीओ सुदेश गुप्ता, आरपीएफ निरीक्षक चेतन प्रकाश आदि अनेक लोग मौजूद रहे।
स्वास्थ्य विभाग हाई अलर्ट पर

मॉक ड्रिल के दौरान स्वास्थ्य विभाग के सदस्यों ने भी प्राथमिक उपचार की जानकारी दी। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग को भी हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। बुधवार को सीएमओ कार्यालय में आयोजित बैठक में आपात स्थिति से निपटने को लेकर व्यापक रणनीति पर चर्चा की गई। डॉ. अखिलेश मोहन ने जिले के सभी सरकारी अस्पतालों, सीएचसी और पीएचसी में विशेष सतर्कता बरती जाएगी। इन संस्थानों में दवाओं, उपकरणों और मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही, स्वास्थ्य अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों के अस्पतालों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं। सीएमओ ने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर जिले के निजी अस्पतालों को भी सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत आपात चिकित्सा सेवाएं देने के लिए तैयार रहने को कहा जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी स्थिति में इलाज में देरी या संसाधनों की कमी नहीं होनी चाहिए।
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