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गांव-गांव में जाएंगे किसान: भाकियू एक अगस्त से यूपी में शुरू करेगी दूसरा आंदोलन, गन्ना बकाया, बिजली, पानी समेत उठाएगी ये मुद्दे

Thu, 08 Jul 2021 10:04 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, साहिबाबाद

सार

भाकियू के राष्ट्रीय महासचिव युद्धवीर सिंह ने बताया कि केंद्र सरकार से तीन कृषि कानून और एमएसपी के मुद्दे पर आंदोलन पिछले सात महीने से चल रहा है। लेकिन प्रदेश सरकार को लेकर भी कई प्रकार के मुद्दे हैं। जिसमें सबसे बड़ा किसानों का साढ़े आठ हजार करोड़ रुपये बकाया है। 
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महंगाई को लेकर विरोध करते गाजीपुर बॉर्डर पर राकेश टिकैत समेत अन्य किसान - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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केंद्र सरकार के तीन कृषि कानून व न्यूनतम समर्थन मूल्य को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में चल रहे आंदोलन के बीच भाकियू अब एक अगस्त से प्रदेश भर में दूसरा आंदोलन शुरू करेगी। भाकियू के बैनर तले किसान साढ़े आठ हजार करोड़ रुपया गन्ना बकाया, बिजली दर, शिक्षा, स्वास्थ्य और पानी के मुद्दे पर गांव-गांव जाकर आंदोलन करेंगे। यूपी गेट पर गुरुवार को प्रेस वार्ता में भाकियू के राष्ट्रीय महासचिव युद्धवीर सिंह ने कहा कि 11 जुलाई को भाकियू अपने 18 मंडलों के पदाधिकारियों को रणनीति स्पष्ट करेगी। 

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भाकियू के राष्ट्रीय महासचिव युद्धवीर सिंह ने बताया कि केंद्र सरकार से तीन कृषि कानून और एमएसपी के मुद्दे पर आंदोलन पिछले सात महीने से चल रहा है। लेकिन प्रदेश सरकार को लेकर भी कई प्रकार के मुद्दे हैं। जिसमें सबसे बड़ा किसानों का साढ़े आठ हजार करोड़ रुपये बकाया है। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी किसानों को गन्ना बकाया नहीं मिल रहा है। जबकि देश भर में साढ़े 21 हजार करोड़ रुपये सरकार पर बकाया है। मगर केंद्र व प्रदेश सरकार ने अभी तक कोई संज्ञान नहीं लिया। इसके अलावा बिजली के बढ़ते दाम से भी किसानों का उत्पीड़न हो रहा है। अब भाकियू ने तय किया कि 11 जुलाई को 18 मंडलों के पदाधिकारियों के साथ बैठक होगी। इसमें रणनीति बनाई जाएगी। एक अगस्त से गांव-गांव में जाकर लोगों को विभिन्न मुद्दों के साथ तीन कृषि कानून व एमएसपी पर भी जागरूक करेंगे। इस तरह सरकार पर दबाव बनाया जाएगा कि किसानों का इतने वर्षों से बकाया पैसा देकर उन्हें राहत दी जाए। 

दूसरे आंदोलन से सरकार का असली चेहरा सामने लाएंगे : राकेश टिकैत
भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि आंदोलन में किसानों को बताएंगे कि हरियाणा में एक किलोवाट बिजली का रेट केवल 35 रुपये है और यूपी में एक किलोवाट बिजली रेट 175 रुपये है। उन्होंने कहा कि गेहूं की खरीद भी किसानों की नहीं हुई है। 1975 रुपये एमएसपी होने के बावजूद किसानों से 1400 रुपये के रेट में गेहूं लिया जा रहा है। अब चावल की फसल के खरीद भी इसी तरह होगी। आंदोलन में लोगों को कृषि कानूनों के बारे में भी बताया जाएगा। उन्होंने कहा कि एक अगस्त से पूरे प्रदेश में दूसरा बड़ा आंदोलन खड़ा करके सरकार का असली चेहरा सामने लाने का प्रयास करेंगे।  भाकियू प्रदेश अध्यक्ष राजबीर सिंह जादौन ने कहा कि अब किसान कृषि कानून के अलावा आमजन की लड़ाई में महंगाई, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य और पानी का मुद्दा भी उठाएंगे। कहा कि सरकार के व्यवहार को देखते हुए साफ है कि बॉर्डर पर आंदोलन लंबा चलेगा। 
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सिलिंडर लेकर किया महंगाई का विरोध
दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसवे  सुबह के समय पर किसानों ने सिलिंडर लेकर महंगाई का विरोध किया। साथ ही किसानों ने वाहनों के हॉर्न बजाकर सरकार के व्यवस्था पर नाराजगी जाहिर की। मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र मलिक ने कहा आंदोलन के दौरान कोरोना में हुई किसानों की मृत्यु पर भी सरकार से मुआवजा देने की मांग की जाएगी। फिर चाहे उनकी कोरोना से या दूसरी बीमारी से मृत्यु हुई हो। परिवारों को कृषि दुर्घटना बीमा योजना से मदद देने की मांग की जाएगी। मीडिया प्रभारी का कहना है कि शुक्रवार को भाकियू की ट्रैक्टर यात्रा शामली जनपद से चलकर सिंघु बॉर्डर पर पहुंचेगी। इसका नेतृत्व गौरव टिकैत करेंगे। किसान ट्रैक्टर यात्रा में सैकड़ों ट्रैक्टर शामिल होंगे।

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