गाजियाबाद। मेरठ खंड स्नातक सीट के लिए मतदान में अब चंद दिन शेष हैं। इसे देखते हुए भाजपा ने प्रचार में ताकत झोंक रखी है। भाजपा प्रत्याशी और मौजूदा एमएलसी दिनेश गोयल के समर्थन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मतदाता सम्मेलन कर चुके हैं। इसके उलट प्रमुख विपक्षी दल समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी परमिंदर भाटी के समर्थन में अभी तक कोई बड़ा नेता प्रचार के लिए नहीं आया है। ऐसे में चुनाव से पहले सपा के प्रचार अभियान और संगठन के बीच तालमेल को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
सपा के कुछ पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं का कहना है कि परमिंदर भाटी जिले में अपेक्षित जनसंपर्क नहीं कर रहे हैं। मतदान से चार दिन पहले रविवार को उन्होंने पार्टी कार्यालय पर आयोजित बैठक में हिस्सा लिया, लेकिन कार्यकर्ताओं के बीच प्रत्याशी की सक्रियता और चुनावी रणनीति को लेकर असंतोष की बात सामने आ रही है। कार्यकर्ताओं की शिकायत है कि उन्हें प्रत्याशी की गतिविधियों और प्रचार कार्यक्रमों की पर्याप्त जानकारी नहीं मिल रही है।
इस बार कांग्रेस और बसपा ने उम्मीदवार नहीं उतारे हैं। अमित कुमार जैन, दुष्यंत, मोहम्मद अकरम रजा, राहुल कुशवाहा, विक्रांत त्यागी और विजय कुमार त्यागी निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में हैं।
प्रत्याशी और संगठन के बीच संपर्क की चुनौती
सपा के कुछ कार्यकर्ताओं का कहना है कि उन्हें अब तक प्रत्याशी की चुनावी गतिविधियों की पर्याप्त जानकारी नहीं मिली है। महानगर के एक पदाधिकारी के मुताबिक, प्रत्याशी की ओर से कार्यकर्ताओं से अपेक्षित संपर्क नहीं किया जा रहा है। पार्टी के एक प्रदेश सचिव ने भी कहा कि प्रत्याशी चुनाव जीतना चाहते हैं, लेकिन क्षेत्र में सक्रिय जनसंपर्क से दूरी बनाए हुए हैं। ऐसे में सपा के सामने मतदाताओं तक पहुंच बनाने के साथ संगठन के भीतर समन्वय बढ़ाने की चुनौती है। चुनाव में कार्यकर्ताओं की सक्रियता और प्रत्याशी का स्थानीय स्तर पर जनसंपर्क अहम भूमिका निभा सकता है। पार्टी संगठन और उम्मीदवार के बीच दूरी कम करने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं, यह भी देखने वाली बात होगी।
महिला कार्यकर्ताओं के प्रचार में जुटने का दावा
सपा की महिला महानगर अध्यक्ष किरन कालिया का कहना है कि नवरात्र के दौरान अधिकांश महिलाओं ने व्रत रखा है। इसके बावजूद महिला कार्यकर्ता चुनाव प्रचार में जुटी हुई हैं। उन्होंने दावा किया कि पार्टी के ज्यादातर पदाधिकारियों को प्रत्याशी के बारे में जानकारी दी जा चुकी है।
जिलाध्यक्ष ने तैयारी पूरी होने का किया दावा
सपा जिलाध्यक्ष फैसल हुसैन ने कहा कि पार्टी चुनाव की तैयारियों में जुटी है और कार्यकर्ता पूरी मजबूती से प्रत्याशी को चुनाव लड़ाने में लगे हैं। हालांकि, कार्यकर्ताओं की नाराजगी और प्रत्याशी के जनसंपर्क को लेकर उठ रही शिकायतों पर उन्होंने स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी। जिलाध्यक्ष ने बताया कि अभी पार्टी के किसी बड़े नेता के प्रचार की तारीख तय नहीं है।
नौ जिलों के मतदाताओं पर नजर, गाजियाबाद में सबसे अधिक
मेरठ खंड स्नातक सीट के लिए 23 अक्तूबर को मतदान होगा। गाजियाबाद जिले में 13 मतदान केंद्रों पर 75 बूथ बनाए गए हैं। यहां 31,169 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। मतदाताओं की संख्या के लिहाज से गाजियाबाद इस निर्वाचन क्षेत्र में पहले स्थान पर है। सहारनपुर 24,148 मतदाताओं के साथ दूसरे स्थान पर है। मेरठ में 15,510, मुजफ्फरनगर में 13,741, गौतमबुद्धनगर में 12,754, हापुड़ में 11,937 और बुलंदशहर में 10,768 मतदाता पंजीकृत हैं। शामली में 4,586 और बागपत में 3,982 स्नातक मतदाता हैं। मतदाताओं की संख्या के लिहाज से गाजियाबाद में प्रत्याशियों के जनसंपर्क और स्थानीय संगठन की सक्रियता चुनावी मुकाबले में अहम भूमिका निभा सकती है।