लोकसभा, विधानसभा और नगर निगम के चुनाव में संगठन की जिम्मेदारी संभालने का अनुभव है। खास बात यह है कि भाजपा ने ब्राह्मण कार्ड चला है। 2022 के चुनाव में इस सीट से अतुल गर्ग जीते थे। उनके सांसद बन जाने से सीट खाली हुई है। वैश्य की जगह वैश्य को ही उतारने के बजाय भाजपा ने अलग रणनीति अपनाई।
सपा ने लगातार दूसरी बार दलित कार्ड चला है। इससे पहले 2022 के चुनाव में विशाल वर्मा को उतारा था। वह दूसरे स्थान पर रहे थे। पहले माना जा रहा था कि सीट कांग्रेस के हिस्से आएगी। सपा की भूमिका चुनाव में साथ देने की होगी। लेकिन, ऐन वक्त पर कहानी बदल गई। कांग्रेस चुनाव मैदान से हट गई और सपा मैदान में उतर आई।
दलबदलुओं के बीच होगा दंगल
उप चुनाव में मुख्य मुकाबला दलबदलुओं के बीच होगा। तीनों प्रमुख दलों के उम्मीदवार पहले किसी और दल में रह चुके हैं। भाजपा प्रत्याशी संजीव शर्मा 2007 में सपा छोड़कर भाजपा में आए थे। बसपा उम्मीदवार परमानंद गर्ग पहले सपा में थे। उन्होंने कुछ दिन पहले ही पार्टी छोड़ दी और बसपा में शामिल हो गए। बसपा में आते ही टिकट मिल गया। सपा के उम्मीदवार सिंहराज जाटव 2022 में बसपा छोड़कर साइकिल पर सवार हुए थे। दो साल में सपा ने कोई महत्वपूर्ण पद नहीं दिया लेकिन टिकट की बाजी वह जीत गए।
संजीव शर्मा
- मूलरूप से हापुड़ जनपद के पिलखुवा के रहने वाले हैं। 20 साल से शालीमार गार्डन में रह रहे हैं। प्रॉपर्टी का कारोबार है।
- 48 वर्षीय संजीव शर्मा के पास चार्टर्ड अकाउंटेंट की डिग्री है। 2013 में भाजपा में महानगर महामंत्री बने, 2019 से महानगर अध्यक्ष के पद पर हैं।
सिंहराज जाटव
- 48 वर्षीय सिंहराज जाटव विजयनगर क्षेत्र से हैं। स्नातक तक पढ़ाई कर चुके हैं। केबल इंटरनेट कारोबारी हैं।
- 18 साल से राजनीति में है। बसपा में मेरठ मंडल के मुख्य सेक्टर प्रभारी, उत्तराखंड के प्रदेश प्रभारी, मुरादाबाद और बरेली मंडल के मुख्य कोऑर्डिनेटर और विजयनगर से पार्षद रह चुके हैं।
सिर्फ उप चुनाव में जीती है सपा
गाजियाबाद विधानसभा सीट पर सपा को सिर्फ एक ही बार जीत मिली है। यह 20 साल पहले उप चुनाव में ही मिली थी। कांग्रेस के सुरेंद्र गोयल के विधायक से सांसद बन जाने पर सीट खाली हुई थी। सपा से सुरेंद्र कुमार मुन्नी चुनाव लड़े थे। उन्हें जीत मिली थी।
2004 के उपचुनाव का नतीजा
प्रत्याशी का नाम -- दल -- मिले मत
सुरेंद्र कुमार मुन्नी -- सपा --- 64, 173 वोट
सतीश त्यागी -- कांग्रेस -- 52, 715 वोट
सुनीता दयाल -- भाजपा -- 44,324 वोट
मुनीश शर्मा -- बसपा -- 42,162 वोट
लगातार दो बार खिल चुका कमल
गाजियाबाद विधानसभा सीट पर भाजपा लगातार दो बार जीत चुकी है। दोनों बार अतुल गर्ग विधायक बने। इससे पहले 1991,1993,1996 में भाजपा के बालेश्वर त्यागी ने जीत की हैट्रिक लगाई। 2007 में भाजपा से सुनील शर्मा जीते। बसपा को एक बार बार जीत मिली है। यह 2012 में मिली थी। इस चुनाव में सुरेश बंसल ने भाजपा के अतुल गर्ग को हराकर बसपा की जीत का खाता खोला था।