भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत का पूरे मामले में कहना है कि जल्द ही अगर पुलिस आरोपी को पकड़कर घटना का खुलासा नहीं करती है तो वह यह सभी नंबरों को सार्वजनिक करेंगे।
पूर्व में दो बार मिल चुकी है धमकी
दिसंबर और 13 अप्रैल को भी राकेश टिकैत को कॉल कर जान से मारने की धमकी दी गई थी। इसके बाद कौशांबी थाने में दोनों बार रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। दिसंबर में धमकी देने के मामले में बिहार के एक युवक को पुलिस ने पकड़ा था। जिससे कोर्ट में पेश करने पर जमानत मिल गई थी।
जबकि अप्रैल माह में धमकी देने के मामले में आगरा मंडल के फिरोजाबाद जिले का युवक सामने आया था। एसएचओ कौशांबी ने बताया कि उसकी दिमागी हालत ठीक नहीं थी। उसे नोटिस थमाया गया था।