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किसान आंदोलन: राकेश टिकैत बोले-हमने सरकार को बता दिया आंदोलन अक्तूबर तक चलेगा

Wed, 03 Feb 2021 02:50 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
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राकेश टिकैत - फोटो : एएनआई
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गाजीपुर बॉर्डर पर डटे भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने मंगलवार को चेतावनी देते हुए कहा, जब तक तीनों कृषि कानूनों वापसी नहीं, तब तक घर वापसी नहीं होगी। उन्होंने कहा, इन कहा, यह आंदोलन अक्तूबर से पहले तक खत्म होने वाला नहीं है।  

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टिकैत ने कहा, हमने सरकार को बता दिया कि यह आंदोलन अक्तूबर तक चलेगा। इसके बाद ही आगे की तारीख देंगे। बातचीत भी चलती रहेगी। नौजवानों को बहकाया गया है और उनको लालकिले का रास्ता बताया गया, ताकि पंजाब की कौम बदनाम हो। किसान कौम को बदनाम करने की कोशिश की गई है। उन्होंने कहा, सरकार कह रही है कि सरकार और किसान के बीच सिर्फ एक फोन कॉल की दूरी है तो सरकार वह नंबर बता दे।

 जिस तरह से दिल्ली के चारों तरफ पुलिस ने बैरिकेडिंग की है, उससे साफ दिखाई दे रहा है कि आने वाले समय में रोटी भी इसी तरह कैद हो जाएगी। सुरक्षाकर्मियों की भारी तैनाती और दिल्ली की सीमाओं पर बाड़ लगाए जाने पर टिकैत ने कहा, किसानों को रोकने की सरकार की रणनीति बेकार साबित होगी, क्योंकि इससे कई जगहों पर कृषि उत्पादनों की आवाजाही रुक जाएगी। नतीजतन आम लोगों को नुकसान होगा। मैं अपील करता हूं कि इस आंदोलन को अक्तूबर / नवंबर तक चलाने के लिए तैयार रहें। 
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सरकार चाहे जितनी बाड़ लगा दे, उन्हें करने दें। इससे पहले टिकैत ने बैरिकेडिंग के पास ही बैठकर खाना खाया और कहा, हम किसान हैं, कोई अपराधी नहीं जो इस तरह की किलेबंदी की गई है। वहीं, प्रदर्शन वाली जगह पर तमाम नेताओं की आवाजाही पर राकेश टिकैत ने कहा, किसानों का विरोध राजनीतिक नहीं है और किसी राजनीतिक दल के नेता को मंच पर स्थान नहीं दिया गया है। इससे पहले शिरोमणि अकाली दल, आम आदमी पार्टी, कांग्रेस, राष्ट्रीय लोक दल, समाजवादी पार्टी सहित अन्य दलों के नेताओं ने गाजीपुर का दौरा किया था।

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शिवसेना नेता राउत ने की टिकैत से मुलाकात

इससे पहले, शिवसेना नेता संजय राउत ने भी गाजीपुर में किसानों के प्रदर्शन स्थल पर राकेश टिकैत से मुलाकात की थी। राउत दोपहर में करीब एक बजे पहुंचे और मंच के पास टिकैत तथा अन्य प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की। राउत ने कहा, 26 जनवरी के बाद जिस तरह से यहां तोड़फोड़ हुई और टिकैत तथा आंदोलन के दमन की कोशिश की गई, हमने महसूस किया कि किसानों के साथ खड़े रहना और पूरे महाराष्ट्र, शिवसेना और उद्धव ठाकरे साहब की ओर से समर्थन करना हमारी जिम्मेदारी है।

सिंघु, गाजीपुर और टीकरी बॉर्डरों पर कटीले तारों और बैरिकेडिंग से घेराबंदी 
गाजीपुर, सिंघु और टीकरी बॉर्डर पर सुरक्षा बेहद कड़ी कर दी गई है। प्रदर्शन का मुख्य केंद्र गाजीपुर बॉर्डर के बनने से दिल्ली पुलिस ने सीमा पर खासकर गाजीपुर बॉर्डर पर मजबूत नाकेबंदी की है। यहां तार-बाड़, नुकेले अवरोध लगाए गए हैं। यहां पुलिस की बैरिकेडिंग 1.5 किमी से अधिक के दायरे में हुई है। धरना स्थल फ्लाईओवर की सभी चारों लेन पर बैरिकेड लगाए गए हैं। दिल्ली से गाजियाबाद जाने वाली सड़क पर विशेष तौर पर 6 स्तरों की बैरिकेडिंग की गई है। इसमें सबसे पहली और दूसरी लेयर में लोहे के बैरिकेड और उसके ऊपर कटीले तार। तीसरे स्तर में कंक्रीट के तीन फुट ऊंचे स्लैब को आमने-सामने रखकर उनके बीच में दो फुट ऊंचाई तक सीमेंट और कंक्रीट का मसाला भरा गया है। इसके बाद के दो स्तरों में लोहे के बैरिकेड लगाए गए हैं।
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