इससे पहले, शिवसेना नेता संजय राउत ने भी गाजीपुर में किसानों के प्रदर्शन स्थल पर राकेश टिकैत से मुलाकात की थी। राउत दोपहर में करीब एक बजे पहुंचे और मंच के पास टिकैत तथा अन्य प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की। राउत ने कहा, 26 जनवरी के बाद जिस तरह से यहां तोड़फोड़ हुई और टिकैत तथा आंदोलन के दमन की कोशिश की गई, हमने महसूस किया कि किसानों के साथ खड़े रहना और पूरे महाराष्ट्र, शिवसेना और उद्धव ठाकरे साहब की ओर से समर्थन करना हमारी जिम्मेदारी है।
सिंघु, गाजीपुर और टीकरी बॉर्डरों पर कटीले तारों और बैरिकेडिंग से घेराबंदी
गाजीपुर, सिंघु और टीकरी बॉर्डर पर सुरक्षा बेहद कड़ी कर दी गई है। प्रदर्शन का मुख्य केंद्र गाजीपुर बॉर्डर के बनने से दिल्ली पुलिस ने सीमा पर खासकर गाजीपुर बॉर्डर पर मजबूत नाकेबंदी की है। यहां तार-बाड़, नुकेले अवरोध लगाए गए हैं। यहां पुलिस की बैरिकेडिंग 1.5 किमी से अधिक के दायरे में हुई है। धरना स्थल फ्लाईओवर की सभी चारों लेन पर बैरिकेड लगाए गए हैं। दिल्ली से गाजियाबाद जाने वाली सड़क पर विशेष तौर पर 6 स्तरों की बैरिकेडिंग की गई है। इसमें सबसे पहली और दूसरी लेयर में लोहे के बैरिकेड और उसके ऊपर कटीले तार। तीसरे स्तर में कंक्रीट के तीन फुट ऊंचे स्लैब को आमने-सामने रखकर उनके बीच में दो फुट ऊंचाई तक सीमेंट और कंक्रीट का मसाला भरा गया है। इसके बाद के दो स्तरों में लोहे के बैरिकेड लगाए गए हैं।