लैपटॉप और दस्तावेजों को लेकर भी पूछताछ
शिकायत के अनुसार नौ सितंबर की सुबह करीब 7:30 बजे सीबीसीआईडी की टीम पीलीभीत स्थित जगदीश कुमार के घर पहुंची थी। टीम के साथ भारत सिंह भी मौजूद था। घर की तलाशी में कोई आपत्तिजनक वस्तु नहीं मिली। इसके बाद भारत से लैपटॉप लाने को कहा गया। पूछताछ के दौरान फोटो, आधार कार्ड और हस्ताक्षर से जुड़े दस्तावेजों की जानकारी सामने आई।
एफआईआर में आरोप है कि देवेश ने बताया था कि करीब दो साल पहले उसने भारत से फोटो और कागजात लिए थे। इसके बाद वह भारत को अपने साथ ले गया। बाद में दोनों के मोबाइल फोन बंद हो गए।
दिल्ली जाने की बात कहकर बंद किया मोबाइल
शिकायतकर्ता के मुताबिक 15 सितंबर की रात करीब नौ बजे देवेश मोटरसाइकिल से उनके घर आया था। अगले दिन जांच टीम ने भारत और देवेश को नोटिस दिया। 16 सितंबर को परिवार को फोन आया तो देवेश ने कथित तौर पर बताया कि वह टीम के साथ दिल्ली जाएगा। इसके बाद उसका मोबाइल बंद हो गया।
इसी बीच सुबह करीब 7:30 बजे गाजियाबाद पुलिस की ओर से परिवार को भारत की मौत की जानकारी मिली। गांव के पूर्व प्रधान को भेजी गई फोटो के आधार पर भारत की पहचान कराई गई। इसके बाद परिजनों को उसकी मौत की सूचना दी गई।
गौशाला के पास ट्रेन से धक्का देने का आरोप
परिजनों ने आरोप लगाया है कि देवेश भारत को ट्रेन से लेकर गाजियाबाद आया और गौशाला के पास उसे रील बनाने के बहाने ट्रेन के गेट पर खड़ा किया। आरोप है कि इसी दौरान मौका देखकर उसे ट्रेन से धक्का दे दिया गया। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही होगी।
विजयनगर पुलिस ने देवेश कुमार के खिलाफ बीएनएस की धारा 103(1), 238 और एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(2)(v) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। मामले की जांच एसीपी कोतवाली को सौंपी गई है। पुलिस हत्या के आरोप, साइबर ठगी से जुड़े कथित लेनदेन और दोनों युवकों के बीच संबंधों की कड़ियों की जांच कर रही है।