शराब-बीयर शॉप को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब जिले में हाईवे किनारों से 55 दुकानों को हटाया जाएगा। डीएम, एसएसपी, लोक निर्माण विभाग और आबकारी विभाग के अधिकारियों के बीच हुई बैठक में इसका निर्णय लिया गया है।
सबसे ज्यादा 35 दुकानें एनएच-24 से हटेंगी। इसी प्रकार लोनी में 13 और लाल कुआं से छपरौला के बीच सात दुकानों को हटाया जाएगा। इस निर्णय को एक अप्रैल से इसे लागू कर दिया जाएगा।
जिला आबकारी अधिकारी करुणेंद्र सिंह ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने एक आदेश में स्पष्ट किया था कि सभी हाईवे किनारों से देशी-अंग्रेजी शराब, बीयर और मॉडल शॉप को हटाया जाए। इसी के चलते गाजियाबाद में 55 दुकानों को चिन्हित किया गया था।
उन्होंने बताया कि एनएच-24 पर यूपी गेट से लेकर मसूरी तक देशी शराब की 15, अंग्रेजी शराब की 06, बीयर की 08 शॉप के साथ ही छह मॉडल शॉप हटाए जाएंगे। इसी प्रकार लोनी स्थित स्टेट हाईवे-57 किनारे से देशी की 07, अंग्रेजी की 05 और बीयर की एक दुकान को हटवाया जाएगा। एनएच-91 पर लाल कुआं से छपरौला के बीच देशी, अंग्रेजी और बीयर की दो-दो दुकानों के साथ ही एक मॉडल शॉप को हटाया जाएगा।
मेरठ तिराहे से मोदीनगर कादराबाद तक ‘हाईवे’ पर ही कायम रहेंगे ठेके:
सुप्रीम कोर्ट के आदेश से भले ही गाजियाबाद की सीमा से हाईवे किनारे स्थित 55 शराब की दुकानों को हटाया जाएगा, मगर ‘टेक्निकल पेंच’ के चलते यूपी गेट से लेकर मेरठ रोड तिराहा और मोदीनगर के कादराबाद तक दिल्ली-मेरठ रोड के किनारे स्थित शराब की सभी दुकानों पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश का असर नहीं होगा। ऐसे में इस रोड किनारे सभी ठेके पूर्व की तरह ही रहेंगे।
ऐसा ही हाल मेरठ रोड तिराहे से लेकर ठाकुरद्वारा होते हुए लाल कुआं तक रहेगा। ज्ञानी बार्डर से लेकर मोहन नगर चौराहे तक और ठाकुरद्वारा से लेकर गोविंदपुरम फ्लाईओवर तक के सड़क किनारे शराब की दुकानें भी यथावत रहेंगी।
आबकारी अधिकारी करुणेंद्र सिंह ने बताया कि 20 जनवरी 2016 को सड़क परिवहन एवं राजमार्ग विभाग द्वारा एक अधिसूचना जारी करके एनएच-58 (यूपी गेट से मोदीनगर के कादराबाद तक) डिनोटिफाई कर दिया गया था। ऐसे में यह मार्ग अब नेशनल हाईवे की श्रेणी में नहीं आता।