मधुबन-बापूधाम आवासीय योजना के लिए अधिग्रहीत की जाने वाली जमीन का मुआवजा देने से पहले जीडीए यहां थियोडोलाइट सर्वे करा रहा है। सीएटीपी, तहसीलदार और अधिशासी अभियंता के नेतृत्व में बनी अफसरों की कमेटी सर्वे पूरा होने के बाद जीडीए सचिव को रिपोर्ट देगी।
इसी के आधार पर जीडीए तय करेगा कि उसे आवासीय योजना के लिए कितनी जमीन की जरूरत है।जीडीए सचिव रवींद्र गोडबोले ने दिसंबर महीने में ही यह टीम गठित कर दी थी। इस कमेटी को 10 जनवरी तक रिपोर्ट तैयार कर सचिव को सौंपनी थी, लेकिन सर्वे का काम लंबा खिंच गया।
थियोडोलाइट सर्वे के जरिए देखा जा रहा है कि जमीन अधिग्रहण के वक्त चिन्हित जमीन का वर्तमान में स्टेटस क्या है। यानी उन पर मकान या अन्य पक्के निर्माण हो गए हैं या अभी खाली है। इसकी रिपोर्ट तैयार कर जीडीए सचिव को सौंपी जानी है।
मधुबन-बापूधाम आवासीय योजना में 267 एकड़ जमीन के लिए जीडीए को अब नई भूमि अधिग्रहण पॉलिसी के तहत करीब एक हजार करोड़ रुपया मुआवजा देना है। 22 दिसंबर को हुई जीडीए बोर्ड बैठक में प्रमुख सचिव आवास ने मुआवजा देने से पहले आवासीय योजना की समीक्षा करने के निर्देश दिए थे।
इसके बाद से जीडीए की टीम यहां सर्वे कर रही है। जीडीए सचिव ने बताया कि 20 जनवरी तक रिपोर्ट तैयार हो जाएगी। इसके बाद मुआवजा वितरण पर निर्णय लिया जाएगा।