स्मार्ट सिटी प्रपोजल इस बार हवा-हवाई नहीं तथ्यात्मक होगा। प्रत्येक योजना के लिए कंसलटेंट फर्म सपोर्टिंग डॉक्यूमेंट्स प्रस्तुत करेगी। संबंधित विभागों से एमओयू साइन किया जाएगा।
क्षेत्रीय पर्यावरण एवं शहरी विकास अध्ययन केंद्र के अपर निदेशक एके गुप्ता ने निगम अधिकारियों और गाजियाबाद की कंसलटेंट फर्म के एक्सपर्ट को तथ्यात्मक प्रपोजल तैयार करने के निर्देश दिए।
यह विभाग स्मार्ट सिटी की दौड़ में शामिल यूपी के सभी शहरों के लिए नोडल एजेंसी बनाया गया है। कंसलटेंट फर्म केपीएमजी ने लखनऊ में अपर निदेशक के समक्ष स्मार्ट सिटी प्रपोजल का प्रजेंटेशन दिया।
हालांकि प्रपोजल में कोई कमी नहीं मिली, लेकिन अधिकारियों ने इस प्रपोजल में ट्रांसपोर्ट, बिजली, पानी, सीवर, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, वाटर मैनेजमेंट आदि की योजनाओं के दस्तावेज लगाने के निर्देश दिए हैं।
गाजियाबाद में स्मार्ट सिटी मिशन के सहायक नोडल अधिकारी एसएस चौहान ने बताया कि अब 8 जून को दिल्ली में केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय में स्मार्ट सिटी को लेकर बैठक होगी।
उधर मेरठ मंडलायुक्त कार्यालय में बृहस्पतिवार को हुई बैठक में कमिश्नर के एक सप्ताह में पूरा करने के निर्देश पर शुक्रवार को नगर आयुक्त अब्दुल समद ने पावर कारपोरेशन, जीडीए, पीडब्ल्यूडी, जल निगम समेत अन्य संबंधित विभागों को पत्र भेज दिया है। जल्द ही इनके साथ नगर निगम एमओयू साइन करेगा।