जीडीए की मधुबन-बापूधाम योजना संकट के दौर से गुजर रही है। इस योजना में जहां पहले ही मकान के खरीददार नहीं मिल रहे, वहीं मधुबन-बापूधाम के तहत लाई गई समाजवादी आवास योजना भी ‘फ्लॉप’ साबित हो रही है।
समाजवादी आवास योजना के 392 फ्लैट के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 24 अगस्त तक थी लेकिन इसके लिए मात्र 23 आवेदन ही पहुंचे हैं। अब जीडीए ने आवेदन की तिथि बढ़ाकर 9 सितंबर कर दी है।
कुछ साल पहले तक जीडीए के मकान के लिए मारामारी रहती थी। रीयल स्टेट में मंदी का असर यह है कि अब लोग जीडीए के सस्ते मकान तक लेने को तैयार नहीं हैं। इतना ही नहीं मधुबन-बापूधाम में आवास आरक्षित कराने वाले कई लोग अपना पैसा वापस ले रहे हैं।
ऐसे में जीडीए ने समाजवादी आवास योजना में आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित टू बीएचके फ्लैट की कीमत 16 लाख 72 हजार रुपये रखी है। जीडीए को उम्मीद थी कि कीमत कम होने से फ्लैट के लिए खरीददारों की लाइन लग जाएगी लेकिन ऐसा हुआ नहीं।
समाजवादी आवास योजना में 25 जुलाई से 24 अगस्त तक आवेदन करने की तिथि घोषित की गई थी लेकिन इसके लिए विभिन्न बैंकों में सिर्फ 23 आवेदन ही जमा हुए। योजना में पंजीकरण की अवधि 9 सितंबर तक बढ़ाने के बाद अपेक्षित ‘रिस्पांस’ मिलेगा, इसके आसार कम ही दिखते हैं। योजना के तहत मधुबन बापूधाम के पाकेट-एफ में दो बहुमंजिला टावरों में 392 फ्लैट तीन साल के अंदर बनाने हैं।
स्थानांतरित किए गए 26 बाबुओं ने संभाले नए विभाग
जीडीए वीसी ने 26 बाबुओं का विभागीय तबादला कर दिया है। प्राधिकरण के अंदर ही इधर से उधर किए गए बाबुओं ने बुधवार को अपना काम संभाल लिया। यह कर्मचारी पिछले चार-पांच वर्षों से एक ही विभाग में जमे हुए थे।
इनमें से कई के खिलाफ वीसी को शिकायतें मिलीं थी। बुधवार को जीडीए में चर्चा थी कि अभी कुछ और तबादले होने हैं जिनमें कुछ जेई भी शामिल हो सकते हैं।