जिलाधिकारी से मुलाकात करते मृतक चिराग त्यागी के परिजन। स्रोत: स्वयं
गाजियाबाद। बसंतपुर सैंथली गांव में बनने वाले मिनी स्टेडियम को एथलीट चिराग त्यागी के नाम दिया जाएगा। साथ ही उनके नाम से गांव का मुख्य मार्ग भी होगा। बुधवार को चिराग त्यागी का परिवार जिलाधिकारी रविंद्र मांदड़ से मिला। जहां जिलाधिकारी ने परिवार की मांगों को मानते जल्द ऐसा करने की बात कही। जिलाधिकारी ने बताया कि पीड़ित परिवार की हर संभव मदद की जाएगी। इस माैके पर पूरा प्रशासन उनके साथ खड़ा है। जिलाधिकारी गांव में चिराग के अंतिम संस्कार में भी शामिल हुए थे।
चिराग के पिता मनोज और मां निशा देवी समेत समाज के लोग अधिकारियों से मिलकर अपनी बात रखने के लिए आए थे। जहां अधिकारियों के बैठक में व्यस्त होने के कारण वह मिलने नहीं पहुंच सके। इससे कुछ लोग नाराज हो गए। इसके बाद यति नरसिंहानंद गिरि भी माैके पर पहुंचे। हालांकि परिवार की तरफ से प्रवीन त्यागी ने बताया कि कुछ असमंजस की स्थिति के कारण मुलाकात में देरी हुई। हालांकि जब जिलाधिकारी आए तो उन्होंने बातों को सुनकर मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया।
30 मई को बंगलूरू में पैरा एथलीट में स्वर्ण और रजत पदक जीतने के बाद लाैटे चिराग की साईं उपवन में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्या के आरोप में उसके ही एथलीट दोस्त यश खटीक समेत दो को गिरफ्तार किया गया है।
परिवार को शस्त्र लाइसेंस
जानकारी के अनुसार परिवार ने जिलाधिकारी से मुलाकात के बाद शस्त्र लाइसेंस की मांग की। इस पर जिलाधिकारी ने पिता और चाचा को लाइसेंस देने की बात कही। इसके साथ ही परिवार को आर्थिक मदद के लिए परिवार को एक दुकान की मांग की गई। इसके लिए नगर निगम और गाजियाबाद विकास प्राधिकरण से बात करने का आश्वासन दिया गया। परिवार ने आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।