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गाजियाबाद में खैर की तस्करी: 30 लाख की अवैध लकड़ी जब्त, एमपी से हिमाचल करते थे डिलीवरी; होते है ये दवा तैयार

Wed, 05 Mar 2025 05:21 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, मसूरी (गाजियाबाद)

सार

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में पुलिस ने चेकिंग के दौरान प्रतिबंधित खैर की लकड़ी जब्त की है। जिसकी कीमत 30 लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने ट्रक के चालक दीपक तिवारी और सह चालक हरी सिंह परिहार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
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गाजियाबाद में खैर की लकड़ियां जब्त - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गाजियाबाद के मसूरी में पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर 30 लाख रुपये की प्रतिबन्धित लकड़ी बरामद करने का दावा किया है। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर है। ट्रक और लकड़ी पुलिस ने कब्जे में ले ली है। दोनों आरोपियों को पुलिस ने जेल भेज दिया है।
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सहायक पुलिस आयुक्त मसूरी लिपी नगायच ने बताया कि पुलिस ने गश्त के दौरान मुखबिर की सूचना पर कुशलिया रोड पर ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस वे अंडरपास के नीचे खड़े ट्रक को चैक किया। ट्रक से प्रतिबन्धित 20 टन खैर प्रजाति की लकड़ियां मिली। जिसकी कीमत लगभग 30 लाख रुपए बताई गई है।

एमपी से हिमाचल प्रदेश में करते थे डिलीवरी
ट्रक के चालक दीपक तिवारी पुत्र राम प्रकाश व सह चालक हरी सिंह परिहार पुत्र भवानी सिंह निवासीगण ग्राम व थाना बसई जनपद दतिया मध्य प्रदेश को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए दीपक तिवारी ने बताया कि ये खैर प्रजाति की प्रतिबन्धित लकड़ी मध्य प्रदेश से हिमाचल लेकर जा रहे थे। ये ट्रक व लकड़ी मध्य प्रदेश के ग्राम व थाना ओरछा जनपद निवाडी निवासी देवेन्द्र सिंह सोलंकी पुत्र जितेन्द्र सिंह सोलंकी का है, उन्हे तो ट्रक से लकड़ी पहुंचाने के लिए ज्यादा पैसे मिल जाते हैं। इसलिये देवेन्द्र सोलंकी के साथ मिलकर यह काम कर रहे हैं।
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इस काम में होता है लकड़ी का इस्तेमाल
पुलिस पूछताछ में दीपक ने बताया कि खैर की लकड़ी का उपयोग कत्था व त्वचा की दवाई बनाने में इस्तेमाल होता है। उसने बताया कि वे दो वर्षों से प्रतिबन्धित खैर लकड़ी का फर्जी तरीके से ये काम कर रहे हैं। ट्रक को चोरी छिपे हिमाचल की सागर कत्था फैक्टरी लेकर जा रहे थे। पुलिस ने मौके पर वन विभाग के सेक्शन अधिकारी अजय कुमार को बुलाया। उन्होंने बताया कि खैर की लकड़ी प्रतिबन्धित है जो वन विभाग की परमीशन के बिना न तो काटी जा सकती है और न कहीं ले जाई जा सकती है।

इनके पास जो अभिवहन पास है। फर्जी तैयार किया गया है, इनके द्वारा जो पास है वह सरपंच ग्राम पंचायत प्रेमपुरा जनपद टीकमगढ मध्य प्रदेश से जारी है। जबकि खैर की लकड़ी का अभिवहन पास वन विभाग द्वारा किसी सक्षम अधिकारी के सिग्नेचर व मोहर लगी होना चाहिए। एसीपी लिपी नगायच ने बताया कि मसूरी कोतवाली क्षेत्र की जेल चौकी इन्चार्ज दरोगा प्रवीन कुमार गौतम की दी गई।

तहरीर के आधार पर दीपक तिवारी पुत्र राम प्रकाश व हरी सिंह परिहार पुत्र भवानी सिंह निवासीगण ग्राम व थाना बसई जनपद दतिया मध्य प्रदेश और देवेन्द्र सिंह सोलंकी पुत्र जितेन्द्र सिंह निवासी ग्राम व थाना ओरछा जनपद निवाडी मध्य प्रदेश को बीएनएस की धारा 318(4),338/336(3),340(2),317(4),61(2) व 41/42 भारतीय वन संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत एफआईआर दर्ज कराई गई है। पुलिस ने ट्रक के चालक दीपक तिवारी और सह चालक हरी सिंह परिहार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। तीसरा मुख्य आरोपी देवेन्द्र सिंह सोलंकी पुलिस की पकड़ से बाहर है।
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