गाजियाबाद। साहिबाबाद थाना क्षेत्र में दो महीने पहले पत्नी को आत्महत्या करने के लिए उकसाने के आराेपी पति विजेन्द्र रावल की जमानत अर्जी जनपद न्यायाधीश की अदालत ने खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि अपराध गंभीर प्रकृति का है।
अदालत से मिली जानकारी के अनुसार राजकुमार ने 25 अप्रैल को थाना साहिबाबाद में रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसमें बताया था कि उनकी बेटी वर्षा (30) की शादी तीन वर्ष पूर्व 18 फरवरी 2022 को बिजेन्द्र रावल से हुई थी। शादी के डेढ़ वर्ष बाद एक बेटा पैदा हुआ। शादी के कुछ दिन बाद से ही वर्षा के ससुराल वाले पति बिजेन्द्र रावल, सास सुमन, जेठ विमल रावल व विशाल रावल और जेठानी सीमा व रिंकी कम दहेज के ताने देकर प्रताड़ित करती थीं और अतिरिक्त दहेज की मांग कर शारीरिक व मानसिक रूप से परेशान करती थीं। बेटी ने कई बार यह बातें उन्हें बतायी थीं। बेटी के विवाहित जीवन को ध्यान में रखते हुए उसे समझा देते थे कि कुछ समय बीतने के बाद ये सब सामान्य हो जाएगा। लेकिन ससुराल के लोग लगातार बेटी को प्रताड़ित करते रहे। पति बिजेंद्र रावल अक्सर शराब पीकर मारपीट करता था। घटना वाले दिन बेटी के जेठ बिमल रावल ने फोन कर एक बजे के करीब बताया कि वर्षा की मौत हो गयी है। बेटी के ससुराल में पहुंचकर देखा कि बेटी मृत अवस्था में फांसी के फंदे में छत के पंखे से लटकी हुई थी। अगर उनकी बेटी ने आत्महत्या की है तो निश्चित ही पति व ससुराल के अन्य लोगों द्वारा दहेज के लिए शारीरिक व मानसिक उत्पीडन से आत्महत्या के लिए विवश किये जाने के कारण की है। वहीं बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि वर्षा पति से अलग रहने की जिद करती थी, लेकिन वह परिवार के साथ में संयुक्त रूप से रहना चाहता था, इसलिए आत्महत्या की है।