गाजियाबाद। कौशांबी थाना क्षेत्र में गिरफ्तार विदेश में नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी करने के दो आरोपियों शाहरुख खान और मनीष कुमार गौड़ की जमानत अर्जी खारिज कर दिया। जनपद न्यायाधीश अनिल कुमार ने कहा कि अपराध गंभीर प्रकृति का है, इसलिए जमानत अर्जी खारिज की जाती है।
जिला शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि 19 दिसंबर को कौशांबी थाने में किशन कुमार ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। किशन का आरोप था कि उन्हें एक मैसेज आया जिसमें अजर बेजान में नौकरी दिलाने का भरोसा दिया गया। वैशाली स्थित एक कार्यालय में बुलाया गया। जहां मनीष कुमार गौड़ और शाहरुख खान नाम के दो व्यक्ति मिले। दोनों ने किशन को विदेश में नौकरी लगवाने के नाम पर दो लाख 95 हजार रुपये लिए और अजरबेजान देश का वीजा और टिकट उपलब्ध कराया। हवाई जहाज का टिकट तीन दिसंबर का था। जब मुंबई एयरपोर्ट पहुंचा तो टिकट फर्जी पाया गया।
इसके बाद उन्होंने मनीष से संपर्क किया तो उसने उसे दुबई भेजने का वादा किया और जल्द ही टिकट की व्यवस्था करने को कहा। कुछ दिन बाद उसने दुबई का भी नकली टिकट पकड़ा दिया। मामले की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने शाहरुख और मनीष को वैशाली के एक कार्यालय से गिरफ्तार किया। उनके पास से बड़ी संख्या में पासपोर्ट, लैपटॉप, फर्जी प्रमाण पत्र सहित अन्य दस्तावेज प्राप्त हुए। दोनों आरोपियों की ओर से उनके अधिवक्ता ने जिला सत्र न्यायालय में जमानत अर्जी के लिए प्रार्थना पत्र दिया, जिसे मंगलवार को सुनवाई के बाद सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार खारिज कर दी।