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बबली हत्याकांड: भाभी की छोटी बहन पर थी नजर... खेत में विरोध करने पर देवर ने ली थी जान; अब हुआ आजीवन कारावास

Thu, 16 Jan 2025 07:02 PM IST
आकाश दुबे संवाद न्यूज एजेंसी, अनूपशहर (बुलंदशहर)

सार

न्यायालय ने दोनों पक्षों के गवाहों की गवाही और अन्य साक्ष्यों के आधार पर दोनों अभियुक्तों को दोषी पाया और उन्हें आजीवन कारावास की सजा के साथ-साथ 21-21 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
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बबली हत्याकांड - फोटो : AI Generated
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विस्तार
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बुलंदशहर के डिबाई कोतवाली क्षेत्र में अपनी बहन के साथ खेत पर गई विवाहिता बबली की उसके मौसेरे देवर और उसके साथी ने जुलाई 2017 में हत्या कर दी। इस संबंध में एडीजे अनूपशहर ने दोनों आरोपियों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और 21-21 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। 

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सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि डिबाई कोतवाली क्षेत्र के गांव ईशनपुर निवासी सरोज की जुलाई 2017 में तबीयत खराब हो गई थी। मदद के लिए उन्होंने अपनी छोटी बहन बबली को अपने पास बुला लिया था। बबली की शादी अलीगढ़ निवासी पंकज के साथ वर्ष 2013-14 में हुई थी। उनकी दो संतान हैं। बताया गया कि 29 जुलाई 2017 को 25 वर्षीय विवाहिता बबली अपनी बहन सरोज के साथ खेत में बाजरा काटने के लिए गई थी। उसी दौरान बबली का मौसेरा देवर सुनील सिंह उर्फ लम्बू निवासी मडराक अलीगढ़ अपने एक अज्ञात साथी के साथ पहुंच गया।
 

आरोप है कि इस दौरान दोनों ने बबली से बातचीत की और उसे जबरन मोटरसाइकिल पर ले जाने का प्रयास किया। जब बबली ने विरोध किया, तो सुनील ने अपनी पैंट की जेब से चाकू निकाला और उसकी गर्दन पर वार कर दिया। इसके बाद दोनों आरोपी मोटरसाइकिल पर सवार होकर फरार हो गए। सूचना पर अन्य परिजन मौके पर पहुंचे जिन्होंने बबली को अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। 
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मामले में पुलिस ने आरोपी सुनील और एक अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। जांच में आरोपी सुनील के साथी तेजा का नाम प्रकाश में आने पर उसे भी नामजद कर लिया गया। जिसके बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। साथ ही मामले की जांच पूरी कर दोनों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट तैयार कर न्यायालय के समक्ष पेश कर दी थी। न्यायालय ने अब दोनों पक्षों के गवाहों की गवाही और अन्य साक्ष्यों के आधार पर दोनों अभियुक्तों को दोषी पाया और उन्हें आजीवन कारावास की सजा के साथ-साथ 21-21 हजार रुपये के अर्थदंड सुनाया है।
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