एनआरएचएम फंड का दुरुपयोग करने के मामले में आजमगढ़ के पूर्व सीएमओ, चीफ फार्मासिस्ट समेत पांच आरोपियों के खिलाफ सीबीआई कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी किए हैं। सीबीआई विशेष न्यायाधीश पवन कुमार तिवारी ने सीबीआई को आदेश दिया है कि 14 अक्तूबर तक सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जाए।
सीबीआई के वरिष्ठ लोक अभियोजक बीके सिंह के अनुसार आजमगढ़ में एनआरएचएम योजना के तहत आईएफए और एलबेंडाजोल टैबलेट की खरीद में हेराफेरी की गई। करीब 35.39 लाख की यह टैबलेट सिर्फ कागजों में ही खरीदी गईं, जबकि हकीकत में कोई खरीदारी हुई ही नहीं थी।
सीबीआई ने एफआईआर दर्ज करके अपनी चार्जशीट में तत्कालीन सीएमओ परिवार कल्याण डा. राम आधार, चीफ फार्मासिस्ट एचएन सिंह, रामप्रीत भारती, दवा कारोबारी सुरेंद्र सिंह और एक एजेंट राजेश शुक्ला को आरोपी बनाया है। बुधवार को विशेष न्यायाधीश ने इस चार्जशीट पर संज्ञान लेते हुए सभी आरोपियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिए।
नहीं हो सकी चार्ज पर बहस
एनआरएचएम के ही एक अन्य मामले में बुधवार को चार्ज पर बहस नहीं हो सकी। बचाव पक्ष के अधिवक्ता द्वारा समय मांगे जाने पर कोर्ट ने अब सुनवाई को 5 अक्तूबर की तारीख नियत की है। इस मामले में सीबीआई ने डा. आरसी यादव और पीसी तिवारी को आरोपी बना रखा है।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता का कहना था कि इस मामले में डिस्चार्ज अर्जी लगाने के लिए उन्हें समय चाहिए। अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक वीके शर्मा ने इस पर विरोध दर्ज कराया। इसके बाद कोर्ट ने बचाव पक्ष को अंतिम मौका देते हुए 5 अक्तूबर की तारीख नियत कर दी।