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Ghaziabad News: जिला महिला अस्पताल में आयुष्मान वार्ड किया बंद

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जिला महिला अस्पताल में बंद हुआ आयुष्मान वार्ड। संवाद - फोटो : संवाद
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गाजियाबाद। जिला महिला अस्पताल में संचालित आयुष्मान वार्ड शुरू होने के बाद एक साल में ही बंद कर दिया गया। अब आयुष्मान कार्ड धारक महिलाओं का भी इलाज और प्रसव सामान्य वार्ड में ही होगा। दस बेड के वार्ड में रोजाना पांच से छह महिलाएं भर्ती होती थीं। अस्पताल की तीन स्टाफ नर्स को डूडाहेड़ा संयुक्त अस्पताल में भेजने के बाद कर्मियों की कमी हो गई है। अस्पताल में तीसरी मंजिल पर पांच कमरों में 10 बेड बनाए गए हैं। कमरों के बाहर तीमारदारों के लिए आयुष्मान लॉन्ज की व्यवस्था भी की गई है। 16 मार्च को आयुष्मान वार्ड का उद्धाटन केंद्रीय राज्यमंत्री जनरल वीके सिंह ने किया था।
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आयुष्मान कार्ड से इलाज कराने वाली महिलाओं को निजी अस्पताल जैसी सुविधा मिल रही थी। वहां पर तीमारदारों को टीबी देखने सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गई थीं। आयुष्मान योजना में अस्पताल को प्रति प्रसव के 12,900 से 16 हजार रुपये तक का भुगतान किया जाता है। अस्पताल में प्रतिदिन 20 से 25 प्रसव होते हैं। इनमें पांच से छह महिलाओं का प्रसव आयुष्मान योजना में किया जा रहा है। अस्पताल में आयुष्मान कार्ड से 250 से अधिक प्रसव कराए जा चुके हैं। पहले सभी मरीजों को सामान्य वार्ड में भर्ती किया जा रहा था, प्राइवेट वार्ड को आयुष्मान वार्ड में बदलकर कार्ड धारक महिलाओं को भर्ती किया जा रहा था। अस्पताल की सीएमएस डॉ अल्का शर्मा ने बताया कि अस्पताल में दस स्टाफ नर्स की कमी पहले से ही थी। अब तीन स्टाफ नर्स को डूडाहेड़ा भेज दिया गया है। स्टाफ की कमी के कारण वार्ड बंद किया गया है। मरीजों का इलाज और भर्ती किया जाएगा, लेकिन आयुष्मान वार्ड स्टाफ वापस आने तक बंद रहेगा।
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