कर्मचारियों की लापरवाही से अब शहर की स्ट्रीट लाइटें दिन में नहीं जलेंगी। शाम होते ही स्ट्रीट लाइटें खुद जल उठेंगी और दिन निकलते ही बंद भी हो जाएंगी। नगर निगम शहर भर में लगी करीब 62 हजार स्ट्रीट लाइटों को ऑटो टाइमर से जोड़ेगा।
टाइमर में लाइटों के जलने और बंद होने का टाइम फीड किया जाएगा। इसमें करीब एक करोड़ रुपये का खर्च होगा। फिलहाल निगम ने ट्रायल बेस पर कुछ मार्गों की लाइटों में टाइमर लगाए हैं।
दरअसल, सबसे ज्यादा बिजली का बिल नगर निगम की स्ट्रीट लाइटों का होता है। फिलहाल इन्हें जलाने और बंद करने की प्रक्रिया मैनुअल की जा रही है। ऐसे में अक्सर यह लाइटें दिन में भी जली दिखती हैं।
शासन ने सभी नगर निकायों को स्ट्रीट लाइटों पर ऑटो टाइमर लगाने के निर्देश दिए थे। निगम इसके लिए सिंगल और थ्री फेस के ऑटो टाइमर खरीदेगा।
गर्मी-सर्दी में अलग-अलग होगा टाइम
ऑटो टाइमर में गर्मियों में शाम सात बजे से सुबह 5:30 बजे तक लाइटें जलेंगी। सर्दियों में शाम 5:30 बजे से सुबह सात बजे तक स्ट्रीट लाइट जलाई जाएंगी। शहर में 25 से 50 लाइट का ग्रुप बनाया जाएगा। एक ग्रुप पर एक टाइमर लगाया जाएगा।
ऊर्जा संरक्षण के लिए शहर में स्ट्रीट लाइटों पर ऑटो टाइमर लगाए जा रहे हैं। शुरुआती चरण में शहर के मुख्य मार्गों और फिर अंदरूनी मार्गों की लाइटों पर टाइमर लगाए जाएंगे।- डीके सिन्हा, अपर नगर आयुक्त