ई-मेल भेजकर जीडीए के अधिकारियों को ब्लैकमेल करने का मामला सामने आया है। आरोपी ने पहले गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के उच्चाधिकारियों को ई-मेल भेजकर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए और शासन तक शिकायत की। इसके बाद विभाग में हलचल होने पर अधिकारियों को फर्जी ई-मेल से मामला सेटल करने का प्रस्ताव भेज दिया। बुधवार को मामले का संज्ञान लेते हुए जीडीए के सहायक अभियंता पीयूष सिंह ने आरोपी के खिलाफ भय दिखाकर जबरन वसूली करने का प्रयास, जानबूझकर अपराध करने और कंप्यूटर संसाधनों का आपराधिक कार्यों के लिए इस्तेमाल करने की धाराओं में साइबर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।
एडीसीपी अपराध पियूष कुमार सिंह ने बताया कि गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के दो अभियंताओं और एक उच्चाधिकारियों को फर्जी ई-मेल आईडी से संदेश भेजा गया। संदेश में अधिकारियों पर अनर्गल आरोप-प्रत्यारोप लगाए गए। उन्हें कार्रवाई का भय दिखाया गया। साथ ही शासन तक उनकी शिकायत करने का दावा किया गया। तीनों अधिकारियों के फर्जी ई-मेल पर मिली धमकी का जवाब न देने पर अज्ञात आरोपी ने शासन के अधिकारियों तक शिकायत कर दी। इसके बाद मामला सेटल करने के लिए फिर से जीडीए के अधिकारियों को ई-मेल भेजे। जीडीए सहायक अभियंता पीयूष सिंह का आरोप है कि विभाग के कई अधिकारियों के पास ऐसे मेल आए, जिनमें भ्रष्टाचार का फर्जी आरोप लगाया गया है। मेल में धमकी दी गई है कि यदि उनकी बात नहीं मानी गई तो वह भ्रष्टाचार का खुलासा कर देंगे। मेल के आधार पर पुलिस ने साइबर क्राइम थाने में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस मेल आइडी के आधार पर आरोपियों का पता लगाने में जुटी हुई है। एडीसीपी ने बताया कि शिकायत पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ बीएनएस के अंतर्गत जबरन वसूली को भय दिखाने की धारा 308(2), जानबूझकर अपराध करने की धारा 62, धोखाधड़ी के लिए कंप्यूटर संसाधनों का प्रयोग करने की धारा 66डी में मुकदमा दर्ज कर लिया है। बताया कि साइबर थाने की एक टीम ई-मेल भेजने वाले आरोपी को खोजने के लिए लगाई गई है। जल्द ही आरोपी की पहचान कर गिरफ्तार कर लिया जाएगा।