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Ghaziabad News: एटीएस ने शेखपुर खिचरा से एक रोहिंग्या को किया गिरफ्तार

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एटीएस ने पकड़ा रोहिंग्या। स्रोत एटीएस
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धौलाना। नोएडा की एटीएस और धौलाना पुलिस की संयुक्त टीम ने बुधवार देर रात गांव शेखपुर खिचरा में छापा मारकर एक रोहिंग्या को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान सय्यद हुसैन निवासी गांव रग्मुगुना, थान जिला माउंगड, म्यांमार के रूप में हुई है। वह लंबे समय से भारत में अवैध घुसपैठ कर फर्जी आधार कार्ड और वोटर आईडी जैसे दस्तावेजों के सहारे जगह बदल-बदलकर छिपा हुआ था।
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पुलिस के अनुसार खुफिया एजेंसियों ने एटीएस को संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी दी थी। आरोपी गांव खिचरा में बिलाल मस्जिद के पास एक मकान में किराये पर रह रहा था। गिरफ्तारी के दौरान उसके पास से फर्जी आईडी, संदिग्ध दस्तावेज बरामद हुए हैं। फिलहाल टीम आरोपी से पूछताछ कर रही है। आशंका है कि उसके जैसे और भी लोग यहां मौजूद रहे होंगे। सीओ पिलखुवा अनीता चौहान ने बताया कि देर रात नोएडा एटीएस यहां पहुंची थी। इनपुट के आधार पर सय्यद हुसैन को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ के बाद आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेजा गया है।

मेरठ के जाहिदपुरा का बनवा रखा था आधार कार्ड
पुलिस के अनुसार सय्यद हुसैन के पास से एक मोबाइल फोन और कई फर्जी पहचान पत्र बरामद हुए हैं। शुरुआती पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि अवैध तरीके से भारत में रह रहा था। पहचान छिपाने के लिए जाली कागजात तैयार करा रखे थे। उसके पास से बरामद आधार कार्ड मेरठ शहर के मोहल्ला जाहिदपुरा का है। उसने इसे कैसे और कहां बनवाया इसकी भी जांच की जा रही है। फिलहाल वह कितने समय से रह रहा था इसकी भी सटीक जानकारी नहीं मिल सकी है। इस संबंध में पुलिस मकान मालिक से पूछताछ करेगी। पुलिस के अनुसार सय्यद हुसैन यहां रहकर मजदूरी और बेलदारी जैसे कार्य करता था।
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धौलाना पुलिस भी अपने स्तर से चलाएगी अभियान
इस गिरफ्तारी के बाद धौलाना क्षेत्र के गांव शेखपुर खिचरा, पिपलैड़ा और औद्योगिक क्षेत्र में आकर बसे रोहिंग्या परिवार पुलिस और खुफिया एजेंसियों के निशाने पर हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार वर्ष 2012 से 2017 के बीच और उसके बाद भी कुछ रोहिंग्या इस क्षेत्र में आकर बस गए हैं। ये लोग किराये का मकान लेकर रह रहे हैं और ज्यादातर मजदूरी या कूड़ा-कचरा बीनने का काम करते हैं। थाना पुलिस का कहना है कि अवैध रूप से रह रहे अन्य संदिग्धों की तलाश की जा रही है। मोबाइल सिम बेचने वाले दुकानदार और बिना सत्यापन किए इन परिवारों को शरण देने की जांच की जाएगी। 2021 और 2023 में इस क्षेत्र से 16 रोहिंग्या गिरफ्तार किए गए थे। एक बार फिर इनका सत्यापन कराकर अभियान चलाया जाएगा।
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