गाजियाबाद। मणिपुर के उखरूल में उग्रवादियों के हमले में बलिदान हुए असम राइफल्स के हवलदार चंद्र मोहन सिंह का बृहस्पतिवार को हिंडन घाट पर राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। बेटे राहुल सिंह ने उनको मुखाग्नि दी। अंतिम विदाई देने के लिए बड़ी संख्या में लोग घाट पर पहुंचे। कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा, 56 फील्ड रेजिमेंट मेरठ के कर्नल नवीन शर्मा, एसडीएम सदर अरुण दीक्षित, भाजपा के महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल समेत कई अधिकारी व जनप्रतिनिधियों ने भी उनको श्रद्धांजलि अर्पित की।
चंद्र मोहन सिंह मूल रूप से उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल के रहने वाले थे। वह करीब 18 वर्षों से गाजियाबाद में रह रहे थे और वर्ष 2018 से नंदग्राम की उत्तरांचल कॉलोनी में परिवार के साथ निवास कर रहे थे।
उनके भतीजे आशीष रावत ने बताया कि परिवार में पत्नी मंजू देवी, बेटा राहुल और दो बेटियां रितिका व यशिका हैं। राहुल ने हाल ही में स्नातक की पढ़ाई पूरी की है, जबकि रितिका स्नातक और यशिका 12वीं कक्षा की छात्रा हैं।
उन्होंने बताया कि छह जुलाई को परिवार को उनके बलिदान की सूचना मिली थी। बुधवार रात उनका पार्थिव शरीर घर लाया गया तो परिजन और आसपास के लोग अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े। उनके पैतृक गांव से भी परिजन गाजियाबाद पहुंचे। अंतिम संस्कार के दौरान कॉलोनी के लोगों ने भारत माता की जय के नारों के साथ उन्हें विदाई दी।
कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा ने कहा कि चंद्र मोहन सिंह का राष्ट्र सेवा के प्रति समर्पण, साहस और कर्तव्यनिष्ठा सदैव याद रखी जाएगी। राष्ट्र उनकी वीरता, त्याग और बलिदान का हमेशा ऋणी रहेगा। देश रक्षा में दिया गया उनका सर्वोच्च बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।