शालीमार गार्डन मेन में पिछले कई वर्षों से विकास के नाम पर एक काम नहीं हुआ है। न सड़कें बनीं और न ही लोगों को गंगाजल मिला। सप्लाई का पानी भी यहां हफ्ते में दो या तीन दिन ही मिलता है। बिजली कटौती से भी लोगों का बुरा हाल है।
ऐसे में भला जनता क्यों चुने जनप्रतिनिधि? आगामी विधानसभा चुनाव में मतदान का प्रतिशत बढ़ाने के लिए डोर टू डोर अपील कर रही आरडब्ल्यूए को लोगों के इन तल्ख सवालों का सामना करना पड़ रहा है। साहिबाबाद में विकास न होने से नाराज जनता मतदान के खिलाफ है।
उन्हें नहीं लगता कि जनप्रतिनिधि आकर उनकी समस्याओं का समाधान कराएंगे।
विधानसभा चुनाव में मतदान प्रतिशत बढ़ाने में जुटे शालीमार गार्डन सुधार समिति के सदस्यों को लोगों को वोट देने की अपील करते हुए काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। आरडब्लल्यूए का कहना है कि रेजिडेंट्स कहते हैं कि जनप्रतिनिधि को हम विकास के लिए चुनते हैं
लेकिन जब वोट देने के बाद भी क्षेत्र का विकास न हो तो ऐसे वोट का क्या फायदा। लोग अपने नेता से मूलभूत समस्याओं का हल चाहते हैं। आरडब्ल्यूए सचिव जय दीक्षित ने बताया कि लोगों के विरोध के बाद भी उन्हें मतदान करने की अपील की जा रही है।