कैबिनेट मंत्री आजम खान के विरोध पर एमएलसी आशु मलिक ने 24 घंटे में ही यूटर्न ले लिया है। कल तक कार्यक्रम में नहीं बुलाने पर खफा आशु मलिक मंगलवार को उनकी शान में कसीदे पढ़ते रहे। उन्होंने प्रेस नोट जारी कर आजम खान को वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ताओं से संयम रखने के साथ वरिष्ठ नेताओं का सम्मान करने का आह्वान किया है।
बता दें कि सोमवार को हिंडन किनारे नवनिर्मित आला हजरत हज हाउस के उद्घाटन समारोह से एमएलसी आशु मलिक और उनके भाई जिला पंचायत अध्यक्ष नूरहसन मलिक का नाम काट दिया गया था। इसके चलते उनके समर्थकों ने मुरादनगर में कैबिनेट मंत्री आजम खान का पुतला तक फूंका गया था।
इतना ही नहीं आशु मलिक भी कार्यक्रम से नाम काटे जाने पर खासे खफा थे, मगर 24 घंटे में ही आशु मलिक ने इस मुद्दे पर यू-टर्न ले लिया।सूत्रों का कहना है कि लखनऊ से आला कमान ने आशु मलिक को हड़काया है। हालांकि आशु मलिक इससे इनकार कर रहे है। उनका कहना है कि चुनावी माहौल है। उनके द्वारा आजम खान की शान में कोई गुस्ताखी नहीं की गई है।
मुख्यमंत्री और अन्य अतिथियों के सम्मान में अभिवादन के लिए कार्यकर्ताओं ने होर्डिंग्स लगाए थे, जिस पर राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव, आजम खान और मुख्यमंत्री के फोटो थे, मगर इन होर्डिंग्स को कार्यक्रम से एक दिन पहले नगर निगम ने रात में हटा दिए थे। इसके चलते कार्यकर्ता आहत हुए थे और उन्होंने आजम खान के विरोध में बयानबाजी कर दी थी।
एमएलसी का कहना है कि आजम खान हमारे नेेेता और मैं उनका सम्मान करता हूं। लखनऊ की सत्ता में अपनी ऊंची पहुंच रखने वाले आशु मलिक का अचानक यूटर्न लेना कार्यकर्ताओं में चर्चा का विषय बना है।