गाजियाबाद। जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में जनपद के सरकारी अस्पतालों में ओपीडी, आईपीडी और सर्जरी सेवाओं की स्थिति पर चर्चा करते हुए इन्हें और बेहतर बनाने के निर्देश दिए गए। विशेष रूप से सर्जरी कार्य में वृद्धि पर जोर दिया गया ताकि मरीजों को बेहतर उपचार मिल सके। बैठक में आशा कार्यकर्ताओं के भुगतान को लेकर भी चर्चा हुई।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य विकास अधिकारी अभिनव गोपाल (सीडीओ) ने अधिकारियों ने निर्देश दिए कि प्रति आशा औसतन कम से कम आठ हजार रुपये का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। बृहस्पतिवार को विकास भवन के रानी दुर्गावती सभागार में आयोजित बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अलग-अलग कार्यक्रमों की समीक्षा की गई। सीडीओ ने कहा कि नवनियुक्त मेडिकल ऑफिसरों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, जिससे कि वे अपने दायित्वों का प्रभावी ढंग से निर्वहन कर सकें। जननी सुरक्षा योजना की उपलब्धियों और लंबित भुगतानों की समीक्षा करते हुए समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। आयुष्मान आरोग्य मंदिर के डैशबोर्ड की प्रगति पर भी विस्तार से चर्चा हुई और संबंधित अधिकारियों को लक्ष्यों के अनुरूप कार्य में तेजी लाने को कहा गया। ई-संजीवनी सेवा के उपयोग को बढ़ाने पर जोर देते हुए अधिकारियों को अधिक से अधिक मरीजों को इस सुविधा से जोड़ने के निर्देश दिए गए। गैर संचारी रोगों की स्क्रीनिंग, आभा आईडी निर्माण और अन्य राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की भी समीक्षा हुई। सभी नोडल अधिकारियों, मुख्य चिकित्सा अधीक्षकों और प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को लक्ष्य के सापेक्ष उपलब्धियां बढ़ाने के निर्देश दिए गए। बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अमित विक्रम, आरसीएच के नोडल अधिकारी डॉ. रविंद्र कुमार सहित अन्य जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।