मसूरी। जीडीए और जिला प्रशासन एनएच-24 के दोनों तरफ 200 फीट का ग्रीन बेल्ट बनाने वाले हैं। हाईवे के चौड़ीकरण का काम पूरा होने के बाद जीडीए ग्रीन बेल्ट का काम शुरू करेगा। ऐसे में बड़ी संख्या में सड़क किनारे बने मकान व दुकान हटाए जाएंगे।
इसी बीच क्षेत्रवासियों ने जीडीए के इस कदम का विरोध करना शुरू कर दिया है। शनिवार को स्थानीय लोगों ने मसूरी गौड़ मार्केट में बैठक कर आंदोलन की रणनीति बनाई। संघर्ष समिति व व्यापार मंडल के पदाधिकारियों समेत अनेक क्षेत्रवासियों ने दोबारा से किए जा रहे एनएच चौड़ीकरण पर विरोध जताया है।
बैठक में शामिल नासिर चौधरी, नजर मोहम्मद, हाजी अहमद हसन, मनोज बिंदल, हाजी अली हसन ने आरोप लगाया कि जीडीए लोगों को उजाड़ने की तैयारी कर रहा है। जल्द ही इस मामले में वह लोग मुख्यमंत्री से मिलेंगे और उन्हें वस्तुस्थिति से अवगत कराएंगे।
लोगों ने आरोप लगाया कि जीडीए ने योजना बनाते वक्त क्षेत्र का भौतिक सत्यापन नहीं किया। जीडीए ने जो नोटिस भेजे हैं, उनके हिसाब से बड़ी संख्या में लोगों को नुकसान होगा। एनएच-24 के दोनों तरफ 200 फीट के दायरे में वर्षों पुरानी इमारतें, मदनी मस्जिद, अस्पताल, थाना परिसर, पीली कोठी, पेट्रोल पंप, सरकारी स्कूल, बैंक हैं। इन्हें हटाने से क्षेत्रवासियाें की बाकी सुविधाएं भी छिन जाएंगी। ग्रीन बेल्ट के लिए हजारों लोगों को उजाड़ना सही नहीं है।