नोटबंदी के 48 दिन बाद छोटे और मझले उद्योगों में हालात धीरे-धीरे सुधर रही है। हालांकि कैश की कमी है पर चेक और आरटीजीएस के जरिए उद्यमी ज्यादा से ज्यादा काम निपटा रहे हैं। उद्यमियों का कहना है कि यदि बैंकों में कैश का फ्लो बढ़ा दिया जाए तो स्थिति और बेहतर हो जाएगी।
वैसे उद्योगों को पूरी तरह से पटरी पर आने में कई हफ्ते लग जाएंगे। नोटबंदी के बाद से जनपद के अधिकांश औद्योगिक क्षेत्रों का कामकाज प्रभावित हो गया था। विशेषकर छोटी फैक्ट्रियों की हालत ज्यादा खराब थी। यहां ठेकेदारों के अंडर में दिहाड़ी काम करते थे।
छोटे उद्योगों में अधिकतर काम कैश में होता है। अब स्थितियां बदल रही हैं। फैक्ट्रियों में कामकाज सामान्य होने लगा है। उद्यमियों का कहना है कि बैंक यदि सरकार के निर्देश के मुताबिक करंट अकाउंट खाताधारकाें को 50 हजार रुपये देेते तो स्थिति बहुत पहले ही अच्छी हो जाती। हालांकि अभी भी कैश की कमी है पर अब ज्यादातर काम चेक और आरटीजीएस से हो रहा है।
क्या कहते हैं उद्यमी
- उद्योगों को पटरी मेें आने में समय लगेगा, हालांकि स्थिति पहले से बेहतर हुई है। बैंकों से कैश मिल रहा है, जिससे प्रतिदिन के जरूरी कामकाज हो रहे हैं। ज्यादातर जगहों पर चेक दिया जा रहा है। चेक क्लियरेंस भी समय पर हो जा रहा है। इससे काम और आसान हो गया है। - नीरज सिंघल, आईआईए प्रदेश उपाध्यक्ष
- बैंकों में कैश का फ्लो बढ़ने पर श्रमिकों को आसानी से पैसे मिल जा रहे हैं। हालांकि उद्यमी को पूर्व में जो घाटा हुआ है उसकी भरपाई में काफी समय लगेगा लेकिन तब भी पहले के मुकाबले उद्योगाें की 30 प्रतिशत स्थिति बेहतर है।
- एनएन मिश्रा, अध्यक्ष, एमजीआर औद्योगिक एसोसिएशन
- इस वक्त उद्यमी वेट एंड वॉच की स्थिति में हैं। सरकार 30 दिसंबर के बाद क्या नीति अपनाती है, उसका इंतजार किया जा रहा है। वैसे उद्योगों की स्थिति ज्यादा बेहतर नहीं हो पाई है। उत्पादन कम हो रहा है।
- आरके शर्मा, महासचिव, बुलंदशहर औद्योगिक क्षेत्र मैन्युफैक्चर एसोसिएशन
बैंक में हंगामा, धक्कामुक्की में टूटा गेट का शीशा
दो दिन की छुट्टी के बाद सोमवार को जब बैंक खुले तो काफी संख्या में लोग कैश लेने के लिए पहुंचे। अंबेडकर रोड स्थित एचडीएफसी बैंक में अंदर घुसने के दौरान हंगामा हो गया। इस दौरान लोगों के बीच धक्कामुक्की होने लगी, जिसमें बैंक के मेन गेट पर लगा शीशा टूट गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बैंक का मेन गेट ज्यादा चौड़ा नहीं है, इसलिए बैंक के अंदर एक-दो ग्राहक ही एक बार में जा सकते हैं। सोमवार को भीड़ ज्यादा थी। हर कोई पहले घुसने की कोशिश कर रहा था, जिस पर कुछ लोगों ने धक्कामुक्की शुरू कर दी, जिस पर हंगामा हो गया।
इसी दौरान धक्का लगने से बैंक का शीशा टूट गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर लोगों को शांत कराया। दूसरी ओर बैंक ऑफ बड़ौदा और सेंट्रल बैंक में ग्राहकों को 24-24 हजार रुपये दिए गए जबकि पीएनबी, एसबीआई, इलाहाबाद बैंक, सिंडिकेट बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, एक्सिस बैंक, ओरियंटल बैंक ऑफ कामर्स समेत अन्य बैंकाें में सेविंग एकाउंट खाताधारकों को 5 से 10 हजार तक दिए गए।
वहीं, एटीएम की व्यवस्था इतने दिनों बाद भी सुधर नहीं रही है। सोमवार को ज्यादातर एटीएम बंद ही रहे। हालांकि नवयुग मार्केट स्थित एसबीआई, सेंट्रल बैंक, एक्सिस बैंक, सेंट्रल बैंक, राजनगर स्थित ओरियंटल बैंक के एटीएम से कैश मिला।